बलौदाबाजार में पिता को बचाने दौड़ा बेटा, दोनों की करंट लगने से मौत; पत्नी भी झुलसी

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में शुक्रवार सुबह एक हृदय विदारक घटना में करंट लगने से एक कपड़ा कारोबारी और उनके बेटे की मौत हो गई। यह हादसा नेहरू चौक स्थित उनके घर की बालकनी में हुआ, जहां लोहे की ग्रिल में बिजली का करंट फैल गया था। इस घटना में कारोबारी की पत्नी भी गंभीर रूप से झुलस गईं, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह नींद से जागने के बाद कपड़ा कारोबारी राकेश गुप्ता (45) अपने घर की बालकनी में पहुंचे। इसी दौरान उन्होंने बालकनी में लगी लोहे की ग्रिल को छुआ और तुरंत ही करंट की चपेट में आ गए। बिजली का तेज झटका लगने से वे ग्रिल से चिपक गए और छटपटाने लगे।
पिता को इस तरह ग्रिल से चिपका देखकर उनके 24 वर्षीय बेटे ओम गुप्ता उन्हें बचाने के लिए दौड़े। ओम ने अपने पिता को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन इस प्रयास में वह भी बिजली के करंट की चपेट में आ गए और पिता के साथ ही ग्रिल से चिपक गए। देखते ही देखते परिवार के दो सदस्य बिजली के संपर्क में आ गए।
पति राकेश और बेटे ओम को करंट की चपेट में देखकर राकेश की पत्नी वर्षा गुप्ता (45) उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ीं। इस दौरान उन्हें भी बिजली का तेज झटका लगा और वह दूर जा गिरीं। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई, जिससे आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तीनों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने राकेश गुप्ता और उनके बेटे ओम गुप्ता को मृत घोषित कर दिया। वहीं, वर्षा गुप्ता की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। उनकी स्थिति नाजुक होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
यह घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। घटना की सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले में मर्ग कायम किया है। पुलिस ने पिता और बेटे के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। थाना कोतवाली बलौदाबाजार के पीएसआई खिलेंद्र कुमार ने बताया कि करंट की चपेट में आने से राकेश गुप्ता और उनके बेटे ओम गुप्ता की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि घायल महिला को रायपुर रेफर किया गया है।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि घर के पास से 11 हजार केवी का हाईटेंशन तार गुजरा है। आशंका जताई जा रही है कि इसी तार से निकली चिंगारी लोहे की ग्रिल तक पहुंची होगी, जिससे उसमें करंट फैल गया। एक अन्य आशंका यह भी है कि बालकनी में रखे सफाई के सामान के तार के संपर्क में आने से उसमें करंट फैल गया, जिसके चलते बालकनी की लोहे की ग्रिल में भी करंट उतर आया। पुलिस इन दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सके।




