रायगढ़ में बुजुर्ग-दंपती ने SSP से बेटे की शिकायत की:थाना में बेटे को बुलाकर पुलिस ने लगाई फटकार, SDM को भेजा मामला

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 88 साल के बुजुर्ग दंपती ने अपने ही बेटे के खिलाफ एसएसपी से शिकायत की है। बुजुर्ग माता-पिता का आरोप है कि बेटा उनका भरण-पोषण नहीं कर रहा है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बेटे को थाने बुलाकर फटकार लगाई। साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए SDM को रिपोर्ट भेजा गया है। मामला चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है। अब जानिए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, 88 वर्षीय रिटायर्ड लैब असिस्टेंट बैजनाथ पटनायक और उनकी पत्नी साहेबानी पटनायक ने अपने बेटे खीरसागर पटनायक के खिलाफ शिकायत की है। बुजुर्ग दंपती का आरोप है कि उनका बेटा उनकी और दिव्यांग बेटी की देखभाल नहीं करता। दंपती ने बताया कि उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। उनके छोटे बेटे की मौत हो चुकी है और उसकी पत्नी अपने मायके में रहती है। बुजुर्ग दंपती का कहना है कि उम्र ज्यादा होने के कारण वे अपने रोजमर्रा के काम खुद नहीं कर पाते। इसके बावजूद उनका बेटा उन्हें समय पर खाना-पानी नहीं देता और बीमार होने पर इलाज भी नहीं कराता। उनका यह भी आरोप है कि बेटा घर और जमीन के बंटवारे की मांग करता है और उन्हें घर से निकलने के लिए कहकर विवाद करता है। बुजुर्ग महिला की अचानक बिगड़ी तबीयत बुजुर्ग दंपती की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने चक्रधरनगर थाना प्रभारी को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने बेटे खीरसागर पटनायक को थाने बुलाया। इस दौरान शिकायत करने वाले माता-पिता भी थाने पहुंचे थे। तभी बुजुर्ग महिला साहेबानी पटनायक की अचानक तबीयत बिगड़ गई। पुलिस ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। पुलिस ने बेटे को थाने बुलाकर समझाया मामले की गंभीरता को देखते हुए उप निरीक्षक गेंदलाल साहू और एएसआई आशिक रात्रे ने खीरसागर पटनायक को कड़ी समझाइश दी। उन्होंने उसे माता-पिता की देखभाल करने और उनके प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाने की बात कही। पुलिस ने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत आगे की कार्रवाई के लिए एसडीएम को रिपोर्ट भेज दिया है। अब संबंधित अधिकारी दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। बुजुर्गों की उपेक्षा करने वालों पर होगी कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि माता-पिता की सेवा और देखभाल करना हर संतान की जिम्मेदारी है। बुजुर्गों के साथ संवेदनशीलता से पेश आना चाहिए और उन्हें सम्मान के साथ जीने का मौका देना चाहिए। उन्होंने कहा कि माता-पिता को बेसहारा छोड़ना और उनकी देखभाल नहीं करना ठीक नहीं है। बुजुर्गों के भरण-पोषण और सुरक्षा के लिए कानून में प्रावधान हैं। शिकायत मिलने पर ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



