बिलासपुर

रतनपुर में कोटवारी जमीन पर अवैध कब्जा, दो ढाबों पर चलेगा बैकहो लोडर

15 अगस्त विज्ञापन

रतनपुर क्षेत्र में बेशकीमती कोटवारी जमीन पर अवैध कब्जा जमाकर संचालित हो रहे ढाबों पर प्रशासन का डंडा चलने वाला है। शासकीय भूमि को दबाकर बेखौफ ढाबा चलाने की शिकायत सामने आने के बाद राजस्व विभाग ने जांच पूरी कर ली है। अंतिम नोटिस की मियाद खत्म होने के बावजूद कब्जा नहीं हटाने पर अब प्रशासन बैकहो लोडर चलाकर इन्हें जमींदोज करने की तैयारी में है।

रतनपुर मार्ग पर स्थित बाबी द ढाबा और गरिमा ढाबा द्वारा कोटवारी मद की शासकीय जमीन पर वर्षों से अवैध कब्जा जमाए जाने की शिकायत ग्रामीणों ने एसडीएम मनीष साहू से की थी। एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार विनीता शर्मा ने राजस्व टीम के साथ मौके का मुआयना किया।

सीमांकन और स्थल निरीक्षण के दौरान पाया गया कि दोनों ढाबा संचालकों ने नियमों को ताक पर रखकर एक-एक एकड़ कोटवारी जमीन पर पक्का व शेडनुमा निर्माण कर रखा है और धड़ल्ले से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। राजस्व अमले द्वारा ढाबा संचालकों को कब्जा खाली करने के लिए विधिवत बेदखली नोटिस जारी किया गया था।

निर्धारित समय-सीमा बीतने के बाद भी संचालकों ने शासकीय भूमि से अतिक्रमण नहीं हटाया। संचालकों की हठधर्मिता को देखते हुए तहसील प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। अब दोनों ढाबों के अवैध निर्माण को बैकहो लोडर से ढहाने की अंतिम कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पुलिस बल की मौजूदगी में जल्द ही बेदखली की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।

शिकायत की जांच के दौरान हल्का पटवारी से मौके का विस्तृत प्रतिवेदन मंगाया गया था। पटवारी की खसरा जांच व नजरी नक्शा रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों ढाबा संचालकों ने अपनी मिल्कियत की आड़ में एक-एक एकड़ कोटवारी भूमि दबा रखी है। राजस्व रिकार्ड और जमीनी स्थिति के मिलान में बड़े पैमाने पर बेजा कब्जा प्रमाणित हुआ है।

रतनपुर मुख्य मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे कोटवारी व चारागाह मद की जमीनों पर लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि व्यावसायिक उपयोग के लिए सरकारी जमीनों को घेरने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। चिन्हित अन्य अतिक्रमणकारियों की सूची बनाकर उन पर भी बेदखली का अभियान चलाने की तैयारी है।

शिकायत की जांच में बाबी द ढाबा और गरिमा ढाबा द्वारा कोटवारी भूमि पर बेजा कब्जा पाया गया है। पटवारी प्रतिवेदन के आधार पर दोनों संचालकों को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उन्होंने कब्जा नहीं हटाया। अब उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। विनीता शर्मा, नायब तहसीलदार ने बताया कि जांच में दोनों ढाबों द्वारा कोटवारी भूमि पर बेजा कब्जा पाया गया है।

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