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रंगमंच पर भारतीय नृत्य की बिखरी छटा, SEE PICS

सायंकालीन सत्र में भरतनाट्यम की प्रस्तुतियाँ विशेष आकर्षण रहीं, जिसमें राजेन्द्र कुमार, व्याख्याता, नवीन संगीत विद्यालय दुर्ग ने अपने समूह के साथ प्रस्तुति दी। इसके पश्चात गुरु डॉ. जी. रतीश बाबू के वरिष्ठ शिष्यों ने “वनजाक्ष” विषय पर आधारित थीमैटिक समूह प्रस्तुति कर भरतनाट्यम की गरिमा और सौंदर्य को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया।
15 अगस्त विज्ञापन




