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राजनांदगांव के मनगटा में कृषि भूमि पर अवैध मिनी सिटी भू माफियाओं पर एफआईआर की तैयारी

15 अगस्त विज्ञापन


राजनांदगांव के वन चेतना केंद्र मनगटा क्षेत्र में प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। दुर्ग-भिलाई के 3 भू-माफिया लगभग 150 एकड़ कृषि …और पढ़ें

By Paritosh DubeyEdited By: Paritosh Dubey

Publish Date: Mon, 15 Jun 2026 03:14:38 PM (IST)Updated Date: Mon, 15 Jun 2026 03:14:37 PM (IST)

पिछले माह अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया था।-फाइल फोटो

नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। वन चेतना केंद्र मनगटा और उससे लगे ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले महीने प्रशासन द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई के बाद जांच में कई राजफाश हुए हैं। सामने आया है कि दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के 3 रसूखदार भू-माफिया इस क्षेत्र की बेशकीमती कृषि भूमि पर अवैध रूप से प्लाटिंग कर मिनी सिटी विकसित कर रहे थे। माफिया ने टैक्स चोरी और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अपने करीबियों, रिश्तेदारों और अन्य डमी नामों पर जमीनों की रजिस्ट्रियां कराई थीं, जिससे शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगा है। खसरा रिकॉर्ड के मिलान में यह सच सामने आने के बाद जिला प्रशासन अब सभी दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की रूपरेखा तैयार कर रहा है।

150 एकड़ में फैला था अवैध साम्राज्य

जांच रिपोर्ट के अनुसार, मनगटा से सटे ग्राम झूराडबरी और बघेरा में लगभग 150 एकड़ कृषि भूमि पर बिना किसी डायवर्शन और अनुमति के धड़ल्ले से मैरिज हॉल, पक्की सड़कें, नालियां, निजी तालाब और उद्यानों का निर्माण कराया जा रहा था। इस पूरी जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर कालोनी बसाई जा रही थी, जिसके लिए भव्य प्रवेश द्वार भी निर्मित किए गए थे। केवल मैरिज हॉल का निर्माण ही लगभग 10 एकड़ के दायरे में किया जा रहा था। प्रशासन ने 20 मई को प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए वहां कुछ निर्माणों को ध्वस्त किया था, परंतु सुशासन तिहार की व्यस्तता के कारण आगे की कार्रवाई रुक गई थी। इस बीच, विभाग ने दो अन्य बड़े भू-स्वामियों को भी अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया है।

2 वर्ष पहले भी उजागर हुआ था नाम

इस अवैध धंधे के पीछे मुख्य रूप से राघवेंद्र सिंह, प्रमोद चौबे और हेमंत सिंह के नाम उजागर हुए हैं। इन तीनों ने मिलकर क्षेत्र के लगभग 60 स्थानीय किसानों को बरगलाकर उनसे जमीनें खरीदी थीं। उल्लेखनीय है कि लगभग 2 वर्ष पहले भी इन्हीं तीनों माफियाओं के नाम अवैध निर्माण में सामने आए थे, परंतु तब प्रशासन की ओर से केवल औपचारिक तोड़फोड़ और कागजी नोटिस देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।

अवैध स्थल चिह्नित कर रिपोर्ट सौंपी

अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) गौतम पाटिल ने बताया कि अवैध प्लाटिंग करने वालों के सभी राजस्व रिकॉर्ड खंगाल लिए गए हैं और क्षेत्र में दो अन्य अवैध स्थलों को भी चिह्नित किया गया है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है। उच्च स्तर से निर्देश मिलते ही इस सप्ताह दोबारा बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी और इस लापरवाही में संलिप्त विभागीय अमले व पटवारी की भी जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



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