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पोटा केबिन योजना में बड़ा घोटाला, बिना बिल के फर्मों को मिला 42 लाख का भुगतान

यह राशि फर्मों को पोटाकेबिन के लिए अलग-अलग तरह की सामग्री खरीदी के नाम पर की गई है। जांच में सामने आया कि न तो बिल, न कोई प्रमाणित दस्तावेज, फिर भी फर्मों के खाते में मोटी रकम डाल दी गई। मामला उजागर हुआ तो कलेक्टर संबित मिश्रा ने सख्त तेवर दिखाए और दो कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दे दिए है। मामले में एसडीएम स्तर पर जांच की गई जिसमें अधीक्षकों ने माना कि उन्होंने दबाव में आकर बिना बिल के नोटशीट पर साइन किए।
15 अगस्त विज्ञापन



