पोड़ी के आत्मानंद स्कूल में बच्चों से रूबरू हुईं कलेक्टर, शैक्षणिक स्तर कमजोर मिलने पर प्राचार्य को हिदायत

सबसे पहले संकोच करना बंद करें। जो पढ़ा है, उसके बारे में खुलकर बोलें। जीवन में बड़े सपने देखें और उसे पूरा करने के लिए ईमानदारी से लगातार मेहनत करें। शुरुआती 15 साल जी-जान से मेहनत कर लेंगे, तो आगे की जिंदगी काफी आसान और आत्मनिर्भर हो जाएगी। ये बातें कोरिया कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने बुधवार को पोड़ी स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों से कहीं। कलेक्टर अचानक स्कूल पहुंचीं और बच्चों के बीच जाकर मुलाकात कीं। हालांकि, इस दौरान बच्चों का शैक्षणिक स्तर अपेक्षित न मिलने पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई और प्राचार्य को जमकर फटकार लगाई। कलेक्टर ने संवाद को औपचारिक न रखते हुए बच्चों से कहा- चलिए, कुछ देर के लिए मैं इस कक्षा की छात्रा बनती हूं और आप सब शिक्षक। इसके बाद उन्होंने साइंस के छात्रों से विषय से जुड़े सवाल कर उनकी समझ परखी। वहीं, कला संकाय के छात्रों से संविधान, मौलिक अधिकारों और नीति-निदेशक तत्वों पर चर्चा की। उन्होंने छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि गलत उत्तर देने के डर से चुप न रहें। बोलेंगे और सवाल पूछेंगे, तभी आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। कलेक्टर ने समझाया कि करियर का मतलब सिर्फ नौकरी पाना नहीं है। जिस काम में आपकी रुचि और जुनून हो, उसे लक्ष्य बनाएं। डॉक्टर, इंजीनियर या वकील बनने का सपना देखें, लेकिन यह भी पता करें कि वहां तक पहुंचना कैसे है। उन्होंने इंटरनेट और मोबाइल का सही इस्तेमाल कर कॅरियर विकल्पों की जानकारी जुटाने की सलाह दी। साथ ही बताया कि आधुनिक और उन्नत कृषि भी आज के समय में कॅरियर का एक शानदार विकल्प है। कलेक्टर ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए कि अब से स्कूल में हर शनिवार को सिर्फ सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएं। बच्चों को अभी से कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स के पैटर्न, संभावनाओं और तैयारी के तरीकों के बारे में बताया जाए, ताकि स्कूली पढ़ाई के साथ-साथ वे भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार हो सकें।



