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Online Farud: लोन के नाम पर धोखा, पीएम समृद्धि योजना के नाम पर व्यवसायी से ₹73 लाख की ऑनलाइन ठगी

15 अगस्त विज्ञापन


Online Fraud: बिलासपुर के एक मेडिकल व्यवसायी को जालसाजों ने पीएम समृद्धि योजना के तहत ₹70 लाख के लोन पर 30% छूट दिलाने का झांसा दिया। प्रोसेसिंग और इंश्योरेंस फीस जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर जालसाजों ने व्यवसायी से कुल ₹73 लाख की ठगी कर ली। लोन न मिलने पर जब व्यवसायी ने पैसे वापस मांगे, तो जालसाज और पैसे जमा करने का दबाव बनाने लगे।

Publish Date: Tue, 30 Sep 2025 01:21:18 PM (IST)

Updated Date: Tue, 30 Sep 2025 01:21:18 PM (IST)

मेडिकल व्यवसायी से बड़ी ठगी (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. लोन और छूट के झांसे में मेडिकल व्यवसायी।
  2. PM समृद्धि योजना का नाम लेकर पैसे ऐंठे।
  3. ₹70 लाख लोन पर 73 लाख रुपये की ठगी।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: सकरी में रहने वाले मेडिकल व्यवसायी को 30 प्रतिशत छूट के साथ 70 लाख लोन दिलाने का झांसा देकर जालसाजों ने 73 लाख की ठगी कर ली। जब व्यापारी ने अपने रुपये मांगे तो जालसाज और रुपये जमा करने पर सारे रुपये एक साथ वापस करने झांसा देने लगे। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत सकरी थाने में की है। इस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।

अनजान नंबर से आया काल

सकरी के नेचर सिटी में रहने वाले राजेश पांडेय (50) मेडिकल व्यवसायी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 12 फरवरी की दोपहर उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से काल आया। फोन करने वाले ने खुद को निजी फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी जिग्नेश त्रिवेदी बताया। उसने व्यवसायी को बताया कि पीएम समृद्धि योजना के तहत 50 लाख का लोन मिल सकता है। व्यापार के लिए लोन की आवश्यकता होने पर व्यवसायी ने उससे बातचीत की। तब जिग्नेश ने लोन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए व्यवसायी से दस्तावेज मांगे।

वाट्सएप पर भेजे जरूरी दस्तावेज

व्यवसायी ने वाट्सएप के माध्यम से जरूरी दस्तावेज बैंक कर्मचारी को दे दिए। दस्तावेज मिलने के बाद जिग्नेश ने बताया कि व्यवसायी को 70 लाख रुपये लोन मिल सकता है। साथ ही इसमें योजना के तहत 30 प्रतिशत छूट मिलेगी। उसने प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर 14 फरवरी को 19 हजार 900 रुपये मांगे। तब व्यवसायी अपनी दुकान पर थे। उन्होंने जिग्नेश के बताए एकाउंट पर आनलाइन रुपये भेज दिए। इसके दो दिन बाद 16 फरवरी को लोन इंश्योरेंस के नाम पर 35 हजार 700 रुपये मांगे।

इसे भी व्यवसायी ने आनलाइन ट्रांसफर किया। इसके बाद अलग-अलग बहानों से उनसे करीब कुल 73 लाख रुपये जालसाजों ने ले लिए। जब व्यवसायी को लोन नहीं मिला तब उन्होंने अपने पूरे रुपये वापस मांगे। अब जालसाज और रुपये जमा करने पर सारे रुपये एक साथ लौटाने का आश्वासन दे रहे हैं। इधर ठगी की जानकारी होने पर उन्होंने पूरे मामले की शिकायत सकरी थाने में की है। इस पर पुलिस जुर्म दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है। व्यवसायी के बताए एकाउंट नंबर और मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है।



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