ओनाकोना, तांदुला जलाशय और सियादेवी प्रमुख पर्यटक स्थल, लेकिन सुविधाओं की कमी

बालोद जिले में पर्यटन के कई क्षेत्र हैं, जिसमें ओनाकोना, तांदुला जलाशय व सियादेवी प्रमुख हैं। पर्यटन क्षेत्र पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण पर्यटकों में मायूसी है। जिला प्रशासन चाहे तो इसे बेहतर ढंग से विकसित कर सकता है। इसी तरह मणिपुर, अफगानिस्तान, नागालैंड जैसे क्षेत्रों में पाए जाने वाले कब्र समूह जिले में हैं, लेकिन जिले के अधिकांश लोग अनजान है। जिला मुख्यालय से लगभग 17 किमी दूर ग्राम करकाभाट के महापाषाणिक स्थल लगभग 10 किमी की परिधि में फैला है। लगभग 3500 साल पुराने महापाषाण कालीन पुरातात्विक अवशेष, विशाल कब्र समूह से लोग अनजान है। पुरातत्व विभाग ने इस क्षेत्र के बारे में लोगों को बताने पर्यटन विभाग के साथ मिलकर पर्यटन के क्षेत्र में विकसित करने की योजना बनाई थी लेकिन सब ठंडे बस्ते में है।
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साल 1991 में हुआ था सर्वे
विशाल कब्र समूह का वर्ष 1991 में सर्वे के दौरान ग्राम करकाभाट, करहीभदर, सोरर, चिरचारी, मुजगहन, कन्नेवाड़ा, बरही, बरपारा, कपरमेटा, धोबनपुरी, धनोरा, भरदा आदि गांव में लगभग 5 हजार प्राचीन कब्रों को चिन्हांकित किया गया था, परंतु क्षेत्र में विकास की दृष्टि से आधे से ज्यादा कब्र बर्बाद हो गए हैं।
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जिला प्रशासन चाहे तो कर सकते हैं विकसित
पूर्व कलेक्टर जन्मजेय महोबे व राजेश सिंह राणा ने अपने कार्यकाल के दौरान इस क्षेत्र को विकसित करने की योजना बनाई थी। यहां जाकर निरीक्षण किया था। जिससे लोग इस क़ब्र समूह के इतिहास के बारे में जान सके। हालांकि पुरातत्व विभाग ने यहां सूचना बोर्ड लगाकर इसके इतिहास के बारे में जानकारी दी है, लेकिन इस क्षेत्र का विकास नहीं होने के कारण यहां लोगों का आना जाना कम है। यह जगह मुख्य मार्ग से लगी हुई है।

तेजी से हो रहा पर्यटन के क्षेत्र में विकसित
सियादेवी मंदिर पहुंच मार्ग खराब है। सियादेवी मंदिर मां सीता को समर्पित है। मंदिर में माता सीता का मंदिर घने जंगल बीेच आकर्षक 50 फीट ऊंचे झरने से गिरता पानी लोगों को आकर्षित करता है। यहां नवरात्रि, नए साल शासकीय अवकाश के दिनों में हजारों पर्यटक पहुंचते है। वर्तमान में बारिश के कारण झरना पूरे शबाब में है जिसे देखने पर्यटक पहुंच रहे है।

ओनाकोना फिल्मों की शूटिंग के लिए खास
ओना कोना स्थित शिव मंदिर व यहां की खूबसूरती पर्यटकों को अपनी ओर खीच लेती है। यहां ऊंचे पहाड़ गंगरेल जलाशय का किनारा, लबालब भरे जलाशय इसकी खूबसूरती बढ़ाती है। फिल्मों की शूटिंग के लिए भी खास जगह है। यहां अब तक 20 से अधिक फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है। भोजपुरी फिल्म की भी शूटिंग हो चुकी है। तांदुला जलाशय भी अपनी खूबसूरत वादियां से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।




