नौकरी के नाम पर ठगी: आरोपी निलेश पाल के खिलाफ भटगांव थाने में दर्ज हुई नई शिकायत


सूरजपुर जिले में नौकरी लगाने के नाम पर युवक से ठगी करने वाले आरोपी निलेश पाल के खिलाफ एक और ठगी की शिकायत भटगांव थाने में दर्ज हुई है। पीड़ित से एसईसीएल में नौकरी लगवाने के नाम पर एक लाख रुपये की ठगी की गई है। खड़गवां चौकी में दर्ज एक ठगी के मामले में आरोपी को एक दिन पूर्व ही गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, भटगांव क्षेत्र के बृजेश प्रसाद गिरी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि निलेश पाल निवासी सूरजपुर ने उससे नौकरी लगवाने के नाम पर एक लाख 3 हजार रुपये की ठगी की है। वह वर्ष 2023 में अपने साथी ग्राम खडगवां निवासी ललित मानिकपुरी के साथ काम करने के लिए सूरजपुर गया था। वहां उसकी पहचान निलेश पाल से हुई थी।
स्वयं को पुलिसकर्मी बता लिए पैसे निलेश पाल ने स्वयं को हेड कांस्टेबल बताया और एसईसीएल में बृजेश प्रसाद गिरी के बेटे की नौकरी लगवाने का झांसा दिया। आरोपी ने उससे किश्तों में एक लाख 3 हजार रुपये ले लिए।
पैसे मिलने के बाद निलेश पाल ने फोन कर ज्वाइनिंग लेटर देने का झांसा दिया था, लेकिन अब तक ज्वाइनिंग लेटर नहीं दिया। वह पैसे भी वापस नहीं कर रहा है। मामले की शिकायत पर भटगांव पुलिस ने नितेश पाल के खिलाफ धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया है।
ठगी के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी नितेश पाल को पुलिस ने खड़गवां चौकी में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी के एक मामले में गिरफ्तार किया है। खड़गवां के माझापारा के ललित राम ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि निलेश पाल ने ललित राम को विश्रामपुर एसईसीएल में चपरासी की नौकरी लगाने का झांसा दिया था।
निलेश पाल ने बाद में उसे डाटा एंट्री आपरेटर के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर अपने दो साथियों खुशबू पाल और हेमंत मिश्रा के सहयोग से 3 लाख 55 हजार रुपये की ठगी की है। आरोपी ने खुशबू पाल को विश्रामपुर कालरी का सब एरिया मैनेजर और एक अन्य आरोपी हेमन्त मिश्रा को डीईओ का बेटा बताया।
मामले में पुलिस ने नितेश पाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ ठगी के और मामले सामने आ सकते हैं।




