बिलासपुर में बिजली ऑपरेटर की मौत पर बवाल, ग्रामीणों ने DE को पीटा; FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बिजली विभाग के एक ऑपरेटर की करंट लगने से मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे और मृतक के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग करते हुए बिजली विभाग के डिवीजनल इंजीनियर (डीई) मिलिंद पांडेय को घेर लिया और उन पर लात-घूंसे तथा चप्पलों से हमला कर दिया। यह घटना हिर्री थाना क्षेत्र के ग्राम कुरेली में हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मारपीट के दौरान मौके पर मौजूद दो आरक्षकों ने किसी तरह डीई मिलिंद पांडेय को भीड़ से बाहर निकाला। इस हमले में डीई के कपड़े फट गए और उनके शरीर पर चोटें आईं। घटना के बाद देर रात डीई मिलिंद पांडेय की शिकायत पर हिर्री थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला कुरेली सब स्टेशन में तैनात ढनढन निवासी अमन साहू (35) की करंट लगने से हुई मौत के बाद शुरू हुआ। शनिवार सुबह अमन साहू की करंट लगने से मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने मृतक के शव को उठाने नहीं दिया। वे मृतक के परिवार को तत्काल मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग पर अड़े थे। ग्रामीणों ने ठेकेदार और बिजली विभाग के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाने की मांग की थी।
ग्रामीणों की मांगों के बाद डीएसपी राजेश जोशी, डीई मिलिंद पांडेय और बिजली विभाग के अन्य अधिकारी गांव कुरेली पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारियों से अपनी मांगों पर लिखित आश्वासन देने की बात कही। दोपहर करीब 3: 15 बजे डीई मिलिंद पांडेय कुछ ग्रामीणों से बातचीत करने के लिए थोड़ी दूर गए। इसी दौरान भीड़ ने उन्हें घेर लिया और उन पर लात-घूंसे तथा चप्पलों से हमला करना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद आरक्षकों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें भीड़ से बाहर निकाला।
मृतक ऑपरेटर अमन साहू की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी भी पुलिस जांच कर रही है। कोटवार ने पुलिस को बताया कि शनिवार सुबह करीब 9: 30 बजे अमन सब स्टेशन में बिना चप्पल पहने काम कर रहा था, तभी वह करंट की चपेट में आ गया। वहीं, कुछ लोगों के मुताबिक, अमन सब स्टेशन में ही रहता था और नहाने के बाद फीडर ट्रिप होने पर उसे चालू करने गया था, तभी यह हादसा हुआ।
डिवीजनल इंजीनियर मिलिंद पांडेय पर हुए हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देर रात उनकी रिपोर्ट पर हिर्री थाने में एफआईआर दर्ज की गई। डीएसपी राजेश जोशी ने बताया कि डीई सुबह से ही मौके पर मौजूद थे और ग्रामीणों से बातचीत के दौरान जब वे कुछ लोगों के साथ थोड़ी दूर गए, तभी भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
बिलासपुर जिले में बिजलीकर्मियों से मारपीट और झूमाझटकी के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। खपरगंज में बिजली आपूर्ति बहाल करने पहुंचे कनिष्ठ यंत्री देव सिंह कंवर और उनकी टीम को लोगों ने घेर लिया था। शिकायत के मुताबिक, कुछ लोगों ने जेई को पकड़कर कबाड़ी गली की ओर ले जाने की कोशिश की, उनके कपड़े खींचे और बाल पकड़े। स्काई लिफ्ट चालक से भी हाथापाई की गई और वाहन की चाबी छीनने का प्रयास हुआ था। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने शाहनवाज मकवाना समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इसी तरह, विनोबा नगर में 1.23 लाख रुपए से अधिक बिजली बिल बकाया होने पर लिंक रोड जोन के सहायक अभियंता रवि ध्रुव अपनी टीम के साथ कनेक्शन काटने पहुंचे थे। आरोप है कि उपभोक्ता के बेटे नितिन द्विवेदी ने कर्मचारियों को पोल पर सीढ़ी लगाने से रोका। इस दौरान धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की गई थी। सहायक अभियंता की शिकायत पर तारबाहर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।




