बिलासपुर

मुंगेली में शिक्षक की विधवा को पेंशन नहीं मिलने पर हाई कोर्ट सख्त, छह अधिकारी-कर्मचारी निलंबित

15 अगस्त विज्ञापन

मुंगेली जिले में दिवंगत सहायक शिक्षक अंजनी त्रिपाठी की विधवा को चार साल तक पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ नहीं मिलने पर हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस विभू दत्त गुरु की एकलपीठ के सवालों के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने गंभीर लापरवाही मानते हुए छह अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, याचिकाकर्ता राजेश्वरी त्रिपाठी को 90 प्रतिशत वास्तविक पेंशन स्वीकृत की गई है।

शासकीय हाई स्कूल लाखासार में पदस्थ सहायक शिक्षक अंजनी त्रिपाठी की 25 सितंबर 2022 को सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनकी पत्नी राजेश्वरी ने वर्ष 2025 में याचिका दायर कर पारिवारिक पेंशन, भविष्य निधि, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण और अन्य सेवानिवृत्ति देयकों के भुगतान की मांग की। उन्होंने दो लाख नौ हजार 13 रुपये की गलत वसूली का आरोप भी लगाया था।

शासन ने अधिक वेतन भुगतान के कारण पेंशन प्रकरण अटकने की जानकारी दी थी। प्रकरण में यह सामने आया कि वर्ष 2018 में संविलियन के बाद वेतन निर्धारण का समय पर अनुमोदन नहीं कराया गया। इससे बाद में अधिक भुगतान की वसूली की स्थिति बनी और उच्च कार्यालय को गलत जानकारी भेजी गई।

22 सितंबर की सुनवाई में कोर्ट ने सवाल उठाया कि अधिक भुगतान की राशि के विवाद के चलते अन्य देयकों का भुगतान भी इतने लंबे समय तक क्यों रोका गया। कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डा. कमलप्रीत सिंह को 26 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने कहा।

सचिव की मौजूदगी में शासन ने बताया कि 23 सितंबर के आदेश से राजेश्वरी को 90 प्रतिशत वास्तविक पेंशन स्वीकृत कर दी गई है। प्रकरण में स्थानीय स्तर पर हुई लापरवाही के लिए लोक शिक्षण संचालनालय ने 25 सितंबर को छह अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित किया।

निलंबित किए गए लोगों में तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य राघवेन्द्र कुमार सोनी, प्रभारी प्राचार्य रघुनंदन सिंह राजपूत, सहायक ग्रेड-3 मोतीराम यादव, सहायक ग्रेड-2 त्रिवेणी ध्रुव, सहायक ग्रेड-3 अशोक ध्रुव और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पेंशन कक्ष प्रभारी एवं कनिष्ठ लेखा परीक्षक शत्रुघन कुलमित्र शामिल हैं।

हाई कोर्ट ने कार्रवाई को अभिलेख पर लेते हुए सचिव की व्यक्तिगत उपस्थिति से आगे छूट दे दी। शासन को जवाब की प्रति याचिकाकर्ता को देने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी।

15 अगस्त विज्ञापन
विज्ञापन 1
विज्ञापन 2
विज्ञापन 3
विज्ञापन 4
विज्ञापन 5
विज्ञापन 6
विज्ञापन 7
विज्ञापन 8

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!