छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना का किया शुभारंभ

15 अगस्त विज्ञापन

रक्षाबंधन पर ‘विष्णु भैया’ ने 50 बहनों को दिया आत्मनिर्भरता का उपहार, सौंपे ई-रिक्शा

बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने साड़ी और मिठाई भेंट कर दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने लगभग 3 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले बगिया विश्राम गृह सहित विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

जशपुर, अगस्त 2026/ रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बगिया कैम्प कार्यालय में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले की 50 महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान कर उन्हें आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह से जोड़ा।

रक्षाबंधन के आत्मीय वातावरण में स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने मुख्यमंत्री श्री साय की कलाई पर राखी बांधी और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने भी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें साड़ी और मिठाई उपहार स्वरूप भेंट की। बहनों के बीच मुख्यमंत्री का आत्मीय अंदाज कार्यक्रम को विशेष बना गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना सशक्त परिवार और समृद्ध समाज की बुनियाद है। हमारी बहनें आज स्व-सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर स्वावलंबन की नई इबारत लिख रही हैं। ई-रिक्शा उनके लिए केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि नियमित आय और सम्मानजनक स्वरोजगार का माध्यम बनेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि उन्हें ऐसी आजीविका गतिविधियों से भी जोड़ा जाए, जिनसे वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें और परिवार की आर्थिक प्रगति में अपनी भूमिका को और मजबूत कर सकें।

पिछले रक्षाबंधन पर 14, इस बार 50 बहनों को ई-रिक्शा की सौगात

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बहनों को स्वरोजगार से जोड़ने की यह पहल लगातार आगे बढ़ रही है। पिछले रक्षाबंधन पर्व पर भी स्व-सहायता समूहों की 14 महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए गए थे। इस वर्ष ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना के माध्यम से 50 और बहनों को ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं।

उन्होंने बताया कि राजधानी रायपुर में भी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से 92 ई-रिक्शा प्रदान किए गए हैं। ई-रिक्शा चला रही महिलाएं आज प्रतिमाह लगभग 15 हजार रुपए तक की आमदनी अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आय बढ़ने के साथ उनमें आत्मविश्वास और आर्थिक स्वतंत्रता भी बढ़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी बहन के हाथ में स्वयं की कमाई आती है तो उसका लाभ पूरे परिवार को मिलता है। बच्चों की पढ़ाई, परिवार की आवश्यकताओं और भविष्य के लिए बचत जैसे अनेक कार्यों में यह आय सहारा बनती है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश की अधिक से अधिक महिलाओं को इसी तरह आयमूलक गतिविधियों से जोड़ना है।

किराना, सब्जी व्यवसाय से लेकर ई-रिक्शा तक, हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं दीदियां

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज हमारी दीदियां किराना दुकान, सब्जी व्यवसाय और विभिन्न छोटे उद्यमों सहित अनेक आजीविका गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं। अब ई-रिक्शा जैसी सेवाओं में भी महिलाएं आगे आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की दिशा में भी लगातार कार्य कर रही है, ताकि उनके उद्यम टिकाऊ हों और उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार प्रारंभ करने और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए मुद्रा ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है। महिलाओं को इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेकर अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप उद्यम शुरू करना चाहिए।

‘जशपुर एक्सप्रेस’ से स्वावलंबन की राह होगी आसान

‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना के माध्यम से महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराकर उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया गया है। इससे एक ओर महिलाओं को नियमित आमदनी का माध्यम मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर आवागमन की सुविधा भी बेहतर होगी।

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