Mission All Out: बस्तर के नक्सलियों का पसंदीदा समर्पण स्थल तेलंगाना, 14 नक्सलियों ने किया सरेंडर | Mission All Out: 14 Naxalites surrendered in Telangana

Mission All Out: छत्तीसगढ़ की पुनर्वास नीति तेलंगाना से बेहतर
नक्सली सूत्रों के मुताबिक सीमा पर बढ़ते समर्पण का मुख्य कारण तेलंगाना की समर्पण नीति का छत्तीसगढ़ से बेहतर होना है। इसके अलावा नक्सली वहां समर्पण करना इसलिए चुनते हैं क्योंकि वहां के माहौल को वे सुरक्षित बताते हैं। बस्तर में समर्पण के बाद भी उनके मन में भय रहता है। तेलंगाना में उन्हें ज्यादा महत्व मिलता है।
वहां की पुलिस उन्हें बेहतर तरीके से उपयोग करती है। जबकि छत्तीसगढ़ में सरेंडर के बाद सिर्फ डीआरजी में शामिल होने व अन्य काम का विकल्प दिया जा है। हालांकि इस बारे में बस्तर आईजी सुंदरराज पी. का कहना है कि छत्तीसगढ़ की पुनर्वास नीति तेलंगाना से बेहतर है। समर्पित नक्सलियों के लिए सरकार बेहतर माहौल और काम उपलब्ध कराने के प्रयास कर रही है।
बस्तर में सरेंडर के बाद गांव लौटना मुश्किल
छत्तीसगढ़ की सरकार ने इसी साल नक्सल समर्पण नीति में संशोधन किया है। नक्सलियों को समर्पण के बाद ज्यादा से ज्यादा लाभ देने की कोशिश की जा रही है। लेकिन बस्तर के नक्सली वहां समर्पण करना ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं। समर्पण के बाद नक्सलियों ने इस बात को खुद स्वीकारा है बस्तर में वापस गांव लौटना भी संभव नहीं होता। बता दें कि बस्तर में कई पूर्व नक्सलियों की अपने गृहग्राम लौटने पर हत्या हो चुकी है।
छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन, मुठभेड़ में 31 नक्सली ढेर, AK-47 सहित ऑटोमेटिक हथियार भी बरामद
इन्होंने किया सरेंडर
- सोढ़ी बुदरा, पामेड़ बीजापुर
- पदम नंदे, पुजारी कांकेर बीजापुर
- माड़वी जोगा, पामेड़ बीजापुर
- कुंजाम कोसा, पामेड़ बीजापुर
- लेकाम सुकराम, गंगालुर बीजापुर
- पोडिय़ाम हिड़मा, पामेड़ बीजापुर
- माड़वी मंगा, पामेड़ बीजापुर
- कडि़ती नंदे, पामेड़ बीजापुर
- कुरसाम, उसुर बीजापुर
- माड़वी कामा, उसुर बीजापुर
- नुप्पु लखमा, उसुर बीजापुर
- पोडिय़ाम जोगा, उसुर बीजापुर
- माड़वी सहदेव, उसुर बीजापुर
- कलमा, भद्रादि कोत्तागुड़ेम
कर्रेगुट्टा ऑपरेशन : 14वें दिन महिला नक्सली ढेर, रायफल बरामद
Mission All Out: बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र में चल रहे कर्रेगुट्टा ऑपरेशन के 14वें दिन सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक महिला नक्सली को ढेर कर दिया और उसके पास से 303 रायफल बरामद की है। अब तक इस अभियान के 13 दिनों में कुल चार नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनके पास से हथियार भी जब्त किए गए हैं।
सैकड़ों नक्सली ठिकानों और बंकरों को भी ध्वस्त
सूत्रों के अनुसार कर्रेगुट्टा अभियान के दौरान कई बड़े स्तर के नक्सली या तो मारे गए हैं या गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके साथ ही सुरक्षाबलों ने सैकड़ों नक्सली ठिकानों और बंकरों को भी ध्वस्त किया है। हालांकि अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए विभिन्न आईईडी विस्फोटों में कोबरा, एसटीएफ और डीआरजी के कुछ जवान घायल हुए थे।




