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मधुमक्खियों के झुंड ने खेत में काम कर रहे लोगों पर किया हमला, 2 की मौत 6 घायल

15 अगस्त विज्ञापन


राजनांदगांव में मधुमक्खियों के झुंड के हमले में 2 लोगों की मौत हो गई। वहीं 6 लोग मधुमक्खियों के डंक से घायल हो गए, जिनका इलाज जारी है। घायलों में पांच महिलाएं और एक युवक शामिल है। जबकि एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गई है।

Publish Date: Sun, 05 Oct 2025 02:58:37 PM (IST)

Updated Date: Sun, 05 Oct 2025 03:01:37 PM (IST)

मधुमक्खी के हमले में 2 लोगों की मौत

नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। शहर के बजरंगपुर नवागांव वार्ड में रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब खेत में काम कर रहे ग्रामीणों पर मधुमक्खियों के एक बड़े झुंड ने अचानक हमला कर दिया। इस दर्दनाक हादसे में एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गई, जबकि पांच महिलाएं और एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल व्याप्त है।

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घटना रविवार सुबह करीब नौ बजे की है। बजरंगपुर नवागांव वार्ड निवासी सुशीला देवांगन, पार्वती साहू, माया डोंगरे, सुनीता यादव और सुमित्रा साहू रोज की तरह खेत में काम करने गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब महिलाएं खेत में टिफिन निकालकर नाश्ता कर रही थी, तभी पास ही मौजूद मधुमक्खियों के छत्ते से निकला एक बड़ा झुंड अचानक उनके ऊपर टूट पड़ा। हमला इतना अचानक और तीव्र था कि महिलाएं संभल भी नहीं सकी।

पिता-पुत्र भी चपेट में आए

हमले के दौरान खेत के पास मौजूद शिव यदु और उनका बेटा भी मधुमक्खियों की चपेट में आ गए। मधुमक्खियों के डंक से सभी बुरी तरह घायल हो गए। घटना के दौरान मौके पर कोई मदद नहीं मिल सकी, जिससे पीड़ित काफी देर तक वहीं तड़पते रहे। इसकी जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। मधुमक्खियों के झुंड के छंटने के बाद उन्होंने घायलों को किसी तरह खेत से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। घायलों को जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने शिव यदु (55) और सुशीला देवांगन (50) को मृत घोषित कर दिया।

अन्य घायलों की हालत स्थिर

घटना में घायल हुए अन्य लोगों, माया डोंगरे, सुमित्रा साहू, सुनीता यादव, पार्वती साहू और शिव यदु के बेटे का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत अब स्थिर है, लेकिन उन्हें निगरानी में रखा गया है क्योंकि मधुमक्खी के डंक से शरीर में एलर्जी या अन्य जटिलताएं हो सकती हैं।

यह भी पढ़ें- पति-पत्नी के बीच झगड़ा सुलझाने गए पुलिसवाले को खेत में पटककर मारा, वर्दी भी फाड़ दी

छत्तों की पहचान कर हटाएं

वार्ड पार्षद राजा तिवारी ने घटना की पुष्टि करते हुए इसे अत्यंत दुखद और अप्रत्याशित बताया। उन्होंने कहा, “अगर ग्रामीण समय पर बहादुरी न दिखाते तो मृतकों की संख्या और अधिक हो सकती थी। यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए एक चेतावनी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खेतों और आबादी क्षेत्र के आसपास मधुमक्खियों के छत्तों की पहचान की जाए और उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।



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