
मैनपाट (सरगुजा), 21 दिसंबर 2025: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट इस समय कड़ाके की शीतलहर की चपेट में है। रविवार सुबह यहां न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो इस सीजन का रिकॉर्ड निचला स्तर है। ओस की बूंदें जमकर ओलों जैसी चमकदार परत बन गईं, जिसने घास के मैदानों, पेड़-पौधों और छतों को बर्फीली चादर में लपेट दिया। स्थानीय लोग इसे ‘छत्तीसगढ़ का शिमला’ कहते हुए मंत्रमुग्ध हैं।
यह दुर्लभ प्राकृतिक दृश्य सैलानियों को आकर्षित कर रहा है, लेकिन ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मैनपाट की औसत ऊंचाई 3,300 फीट होने से सर्दियां यहां हमेशा तीव्र रहती हैं, पर इस बार पछुआ हवाओं ने तापमान को अभूतपूर्व रूप से नीचे धकेल दिया।
प्राकृतिक चमत्कार का नजारा
मैनपाट के 21 प्रसिद्ध ‘पट’ (घास के मैदान) अब सफेद चादर से ढके हैं। सुबह की पहली किरणों में ओस जमकर क्रिस्टल जैसे चमक रही है, जो दूर से ओलों का भ्रम पैदा कर रही। स्थानीय निवासी कमला देवी ने कहा, “पेड़ों पर बर्फ जमी है, सांसें धुंधली हो रही हैं। कभी इतनी ठंड नहीं देखी।”
सोशल मीडिया पर #MainpatFrost और #ChhattisgarhSnow जैसे हैशटैग वायरल हैं। सैलानी वीडियो शेयर कर रहे हैं, जहां मैदान बर्फीले मैदानों जैसे नजर आ रहे। तिब्बती बस्ती के आसपास का दृश्य तो शिमला की याद दिला रहा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी कि अगले दो दिनों में तापमान 0 डिग्री तक जा सकता है, बर्फबारी संभव।
जनजीवन पर शीतलहर का प्रकोप
ठंड ने मैनपाट और आसपास के गांवों को ठप कर दिया। स्कूल-कॉलेज बंद हैं, बाजार देर से खुल रहे। आदिवासी परिवार झोपड़ियों में अलाव जलाकर रातें काट रहे। स्वास्थ्य केंद्रों पर सर्दी-जुकाम के मरीजों की भारी भीड़ है। जिला प्रशासन ने कंबल वितरण और हेल्पलाइन शुरू की।

परिवहन प्रभावित है। अंबिकापुर-मैनपाट मार्ग पर वाहन फिसलन से दुर्घटनाग्रस्त हो रहे। महिलाएं बोलीं, “बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल।” बुजुर्गों को अस्थमा की शिकायत बढ़ी। सरगुजा कलेक्टर ने बेघरों के लिए शेल्टर होम खोले। तिब्बती मठ में भिक्षु चाय बांट रहे।

पर्यटन का स्वर्णिम अवसर
मैनपाट पर्यटकों का पसंदीदा स्पॉट है। ठंड ने पर्यटन को बढ़ावा दिया। होटल बुक हो चुके। प्रमुख आकर्षण:
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टाइगर पॉइंट: बर्फीली चट्टानों का नजारा।
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सूर्यास्त पॉइंट: ठंडी हवाओं में सुनहरा सूरज।
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तिब्बती मार्केट: ऊनी शॉल-स्वेटर।
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घास के पट: फ्रॉस्ट कवर मैदान।
पर्यटकों को सलाह: थर्मल कपड़े, गर्म पानी और चेन वाले टायर। टूर ऑपरेटर उत्साहित: “देशभर से लोग आ रहे।”
मैनपाट 1959 में तिब्बती शरणार्थियों द्वारा बसाया गया। रामगढ़ से 35 किमी दूर, यह सरगुजा का हृदय है। पहले भी 2-3 डिग्री ठंड दर्ज हुई, लेकिन 1.6 डिग्री नया रिकॉर्ड। जलवायु परिवर्तन से सर्दियां अनियमित। सरकार इको-टूरिज्म विकसित कर रही।
चुनौतियां और मांगें
किसानों को रबी फसल चिंता। प्रशासन ने बीमा सहायता का वादा। मांगें:
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हीटेड शेल्टर।
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24×7 एम्बुलेंस।
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बेहतर सड़कें।
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स्थानीय मौसम ऐप।
विपक्ष ने तैयारी पर सवाल उठाए। यह शीतलहर छत्तीसगढ़ की विविधता दर्शाती है। प्रकृति का जादू पर्यटन बढ़ाएगा, पर राहत जरूरी।





