लापरवाही पर सख्त हुए कलेक्टर, ठेकेदारों पर कार्रवाई के निर्देश
भास्कर न्यूज | कवर्धा मंगलवार को कलेक्ट्रेट में समय सीमा की बैठक हुई। इस बैठक में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जल जीवन मिशन के काम की समीक्षा के दौरान लापरवाही करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश ईई पीएचई को दिए। उन्होंने कहा कि यह जनसुविधा से जुड़ा विषय है, बार-बार समझाइश देने के बाद भी जहां काम में अपेक्षित प्रगति नहीं दिख रही है, वहां नियमानुसार कार्रवाई करें। बारिश के मौसम में जलजनित और मौसमी बीमारियों के बड़े पैमाने पर फैलने का खतरा बना रहता है। इसके लिए एहतियाती कदम उठाते हुए जनजागरूकता फैलायी जाए। सीएमएचओ से कहा कि ग्रामीण इलाकों से मलेरिया के मामले सामने आये हैं। ऐसे सभी स्थानों को विशेष रूप से चिन्हित करते हुए वहां लगातार लोगों के सेहत की मॉनिटरिंग की जाए। जल जमाव की स्थिति न बने इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। नगरीय निकायों में भी नियमित साफ सफाई और फॉगिंग करवाने के निर्देश दिए और स्वास्थ्य अमले को अलर्ट पर रहने के लिए कहा। स्कूली बच्चों के जाति, निवास प्रमाण पत्र निर्माण की समीक्षा करते हुए उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को राजस्व विभाग से समन्वय कर शेष बचे बच्चों के प्रमाण पत्र जल्द बनवा कर वितरित करने के निर्देश दिए। छात्रावास के बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच करें आवासीय संस्थाओं में रहने वाले बच्चों की स्वास्थ्य के संबंध में कलेक्टर ने कहा कि बारिश के मौसम में आश्रम छात्रावासों और आवासीय संस्थाओं में निवासरत बच्चों की सेहत का विशेष ख्याल रखा जाए। उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच करवाई जाए और खान पान खास ध्यान रखा जाए। उन्होंने सहायक आयुक्त और सीएमएचओ को इसके लिए जरूरी कदम उठाने के लिए निर्देशित किया। बैठक में कलेक्टर ने पीएम आवास, जनमन और निर्माण एजेंसी द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से समीक्षा की। जरूरी निर्देश दिए। बच्चों को 10 से खिलाई जाएगी कृमिनाशक दवा कलेक्टर ने कहा कि आगामी 10 अगस्त से बच्चों को कृमि मुक्ति नाशक दवा खिलाया जाएगा। उन्होंने यह कार्यक्रम व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ ही स्कूल, महिला बाल विकास, उच्च शिक्षा, पंचायत विभाग को इस कार्य में आवश्यक सहयोग के लिए निर्देशित किया। गौरतलब है कि जिले में करीब 4 लाख बच्चों को यह दवा खिलाई जाएगी। वहीं बच्चों को विटामिन और आयरन फॉलिक एसिड की दवा खिलाने के कार्यक्रम को भी विभागीय गाइडलाइंस के अनुसार करें।




