कुसमुंडा साइडिंग में मालगाड़ी का इंजन बेपटरी, 6 पहिये उतरे: कोरबा में कोयला लोडिंग के दौरान हुआ हादसा, 3 घंटे में रेस्क्यू – Korba News

कोरबा में एसईसीएल की कुसमुंडा KAMKA साइडिंग में कोयला लोडिंग के दौरान एक मालगाड़ी का इंजन बेपटरी हो गया। इस घटना में इंजन के छह पहिये पटरी से उतर गए। हालांकि चालक और कर्मचारियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, कुसमुंडा कोयला साइडिंग में मालगाड़ी में कोयला लोड किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक इंजन का संतुलन बिगड़ गया और उसके छह पहिये पटरी से नीचे उतर गए। पटरी पर जमा कोयला बना हादसे की वजह प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि साइडिंग में लोडिंग के दौरान पटरी पर काफी मात्रा में कोयला गिरा हुआ था। माना जा रहा है कि इंजन के पहिये कोयले की परत पर चढ़ गए, जिससे संतुलन बिगड़ गया और इंजन बेपटरी हो गया। घटना के तुरंत बाद चालक और वहां मौजूद कर्मचारियों ने रेलवे और एसईसीएल अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। तीन घंटे चला राहत अभियान रेलवे की एटीआर (एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन) टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद क्रेन और विशेष उपकरणों की मदद से इंजन के पहियों को फिर से पटरी पर चढ़ाया गया। हादसे के कारण कुछ समय तक उस ट्रैक पर कोयला परिवहन और लोडिंग कार्य प्रभावित रहा। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मुख्य रेलवे लाइन पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और अन्य मार्गों से कोयला परिवहन सामान्य रूप से चलता रहा। ट्रैक की सफाई के दिए निर्देश कोरबा रेलवे के एआरएम उत्कर्ष गौरव ने बताया कि सूचना मिलते ही एटीआर टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी थी। उन्होंने कहा कि इंजन को जल्द ही पटरी पर वापस ला लिया गया और रेलवे संचालन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि साइडिंग में गिरे कोयले के कारण इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। संबंधित एजेंसी को ट्रैक की नियमित सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं एसईसीएल प्रबंधन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। जांच में पटरी पर जमा कोयले को हादसे की मुख्य वजह माना गया है।
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