कैसे पढ़ेंगे बच्चे… हाई स्कूल भवन पर डेढ़ साल से चुनाव आयोग का कब्जा, प्रत्याशी ने हाई कोर्ट में दायर की है याचिका

जशपुरनगर के डोडकाचौरा स्थित शासकीय जवाहर लाल नेहरू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के भवन पर पिछले डेढ़ साल से अधिक से चुनाव आयोग ने कब्जा कर रखा है। 2023 के विधानसभा चुनाव में हारने के बाद पत्थलगांव के कांग्रेस प्रत्याशी ने हाई कोर्ट में आयोग के खिलाफ याचिका दायर की है। इस कारण संबंधित विधानसभा के ईवीएम स्कूल भवन में रखकर उसे बंद किया गया है।
By RAVINDRA KUMAR THAWAIT
Publish Date: Wed, 30 Jul 2025 08:31:27 AM (IST)
Updated Date: Wed, 30 Jul 2025 08:41:22 AM (IST)
HighLights
- शासकीय विद्यालय के 220 बच्चे छात्रावास भवन में पढ़ने को मजबूर
- 2023 के विधानसभा चुनाव में हारने के बाद प्रत्याशी ने किया विरोध
- 250 वोटों से हराने पर प्रत्याशी ने पुनर्मतगणना का किया था अनुरोध
रविंद्र थवाईत, नईदुनिया जशपुरनगर: विधानसभा चुनाव 2023 को डेढ़ साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन जशपुरनगर का शासकीय जवाहर लाल नेहरू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अभी भी चुनाव आयोग के कब्जे में है। इस स्थिति के कारण 220 छात्र छात्रावास भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जहां आवश्यक सुविधाओं की कमी है, जैसे कि ब्लैकबोर्ड।
बता दें कि यह समस्या 2023 के विधानसभा चुनाव में पत्थलगांव सीट के परिणामों को लेकर हाई कोर्ट में दायर एक याचिका से उत्पन्न हुई है। स्कूल परिसर में रखी ईवीएम डेढ़ साल से अधिक समय से स्ट्रांग रूम में बंद हैं।
स्कूल की कक्षाएं लगने के कारण यहां रहने वाले बच्चों को दूसरे छात्रावास में स्थानांतरित किया गया है, जहां छात्रों की संख्या क्षमता से दोगुनी हो गई है। एक स्कूल और दो छात्रावास के बच्चे इस स्थिति से परेशान हैं, लेकिन प्रशासन के पास इस समस्या का कोई समाधान नहीं है।
बता दें कि जशपुरनगर के निकट डोड़काचौरा गांव में संचालित शासकीय जवाहर लाल नेहरू उच्चतर माध्यमिक आवासीय विद्यालय को सितंबर 2023 में चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव की मतगणना के लिए अधिग्रहित किया था। यहां जिले की तीन विधानसभा जशपुर, कुनकुरी और पत्थलगांव के मतों की गणना की गई थी।
कांग्रेस प्रत्याशी ने हाई कोर्ट में दायर की है याचिका
पत्थलगांव विधानसभा के परिणाम में भाजपा प्रत्याशी गोमती साय को 250 मतों से विजयी घोषित किया गया था। निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी रामपुकार सिंह ने निर्वाचन अधिकारी से पुनर्मतगणना का अनुरोध किया था, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। इससे असंतुष्ट रामपुकार सिंह ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिसके कारण स्कूल भवन में ईवीएम को सुरक्षित रखा गया है। निर्णय के बाद ही ताला मुक्त होगा।
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2019 में भी बनी थी यही स्थिति
2019 के आम चुनाव में भी ऐसी ही स्थिति बनी थी। विधानसभा चुनाव 2018 के स्ट्रांग रूम और मतगणना के लिए इसी स्कूल भवन का अधिग्रहण चुनाव आयोग ने किया था। इसके बाद लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया भी यहीं हुई। लोकसभा चुनाव परिणाम को हाई कोर्ट में चुनौती दिए जाने से दो साल तक यह स्कूल भवन ताले में कैद था।
स्कूल भवन को रिलीज कराने के प्रयास जारी हैं। याचिकाकर्ता से याचिका वापस लेने का अनुरोध किया गया है। चुनाव के लिए स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्र निर्माण के लिए प्रस्ताव चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।- रोहित व्यास, कलेक्टर, जशपुर




