जशपुर नगर पालिका के स्कैनर प्लेट पर सवाल: पेड़ में ठोंका गया स्कैनर, करदाताओं के होश उड़े
जशपुर नगर में ऑनलाइन कर अदायगी को लेकर नगर सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर के बसंत बिहार कालोनी (वार्ड क्रमांक 15) में एक पेड़ में स्कैनर प्लेट को कांटी की सहायता से ठोंका गया है। इस प्लेट के आसपास कोई घर नहीं है, बल्कि यहां निर्माणाधीन न्यायालयीन भवन है।
इस प्लेट में लगे स्कैनर को स्कैन करने पर करदाता का नाम डेमैज (क्षतिग्रस्त) शो हो रहा है। लेकिन आश्चर्य की बात है कि संपत्ति कर 3542 रुपये दर्शाते हुए बकाया टैक्स 8284 बता रहा है। पेड़ में लगे इस स्कैनर का वीडियो इंटरनेट मीडिया में बहुप्रसारित हो रहा है।
नगरपालिका का कहना है कि यह रिजेक्टेड प्लेट है। किसी शरारती तत्व ने इसे पेड़ में लगा दिया है। स्कैनर स्थापित करने का काम पूरा ऑनलाइन कर अदायगी के लिए नगर पालिका ने स्कैनर प्लेट लगाने का काम इसी साल शुरू किया था।
अधिकारियों के अनुसार इस प्लेट को मोबाइल से स्कैन करके करदाता घर बैठे संपत्ति कर का भुगतान कर सकते हैं। इससे करदाता को नगरपालिका तक दौड़ लगाने और भीड़ में खड़े होने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। पालिका के आंकड़े के अनुसार शहर में 2200 घरों में प्लेट लगाने का काम पूरा हो चुका है।
इस स्कैनर को स्थापित करने से पूर्व शहर के सर्वे का काम राज्य स्तर पर कराया गया था। सर्वे टीम ने मुहल्ले-मुहल्ले घूम कर, हर घर के ड्रोन सर्वे कर, संपत्ति का ऑनलाइन डाटा तैयार किया है। इस डाटा के आधार पर ही स्कैनर को तैयार किया गया है।
सुधार के लिए शहर में शुरू हुआ अभियान स्कैनर प्लेट स्थापित करने के बाद अब नगर सरकार ने स्कैनर के डाटा में सुधार के लिए अभियान शुरू किया है। दरअसल स्कैनर के स्थापित होने के बाद नगरवासियों ने जैसे ही मोबाइल से अपने कर की स्थिति की जांच की तो उनके होश उड़ गए।
कई लोगों के संपत्ति कर पूर्व की तुलना में दो गुना से अधिक हो गए, वहीं चुकाए गए कर को भी ऑनलाइन में बकाया दर्शाया जा रहा है। प्लेट लगने के साथ ही नगर सरकार के सामने शिकायतों का अंबार लग गया।
इसे निराकृत करने के लिए नगर पालिका ने शहर में मुनादी कराकर सुधार के लिए आवेदन आमंत्रित किया है। सुधार के लिए सौ से अधिक लिखित शिकायत पालिका को अब तक मिल चुके हैं। बाकी आवेदन व शिकायत आने का सिलसिला जारी है।
पालिका का कहना है कि शिकायतों की जांच कर इसमें नियमानुसार आवश्यक सुधार की कार्रवाई की जाएगी।




