होली क्रॉस वीमेंस कॉलेज अंबिकापुर में समकालीन व्यापार पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ
A two-day national seminar on contemporary business commenced at Holy Cross Women's College, Ambikapur

अंबिकापुर: होली क्रॉस वीमेंस कॉलेज, अंबिकापुर में समकालीन व्यापार विषय पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “National Seminar Business” का शुभारंभ गरिमामय माहौल में हुआ। इस संगोष्ठी का उद्देश्य तेजी से बदलते व्यापार, वाणिज्य और उद्योग जगत के परिदृश्य को समझते हुए छात्राओं में नई और गहन दृष्टि विकसित करना है। देश‑विदेश में हो रहे आर्थिक परिवर्तनों, डिजिटल कारोबार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में यह आयोजन छात्राओं को समकालीन चुनौतियों और अवसरों से रूबरू कराने की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
उद्घाटन व अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत सभागार में पारंपरिक तरीके से माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके साथ ही संगोष्ठी की औपचारिक शुरुआत की घोषणा की गई। कॉलेज की प्राचार्या, मुख्य अतिथि प्रोफेसरगण, विशिष्ट अतिथियों और प्रबंधन प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर ज्ञान और ऊर्जा के प्रतीक इस कार्यक्रम को शुभकामनाएं दीं। होली क्रॉस वीमेंस कॉलेज के वाणिज्य विभाग और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की ओर से उपस्थित सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ, शॉल और स्मृति‑चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया गया।
छात्राओं ने अतिथियों का स्वागत पारंपरिक तिलक और वंदना गीत के साथ किया, जिससे पूरे वातावरण में सौहार्द और उत्साह का संचार हुआ। प्राचार्या ने स्वागत भाषण में बताया कि कॉलेज हमेशा से छात्राओं को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उन्हें शोध, व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व कौशल से समृद्ध करने का प्रयास करता है और यह संगोष्ठी उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि दो दिनों तक चलने वाली इस संगोष्ठी में विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्वान, शोधार्थी और विशेषज्ञ ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से अपने विचार रखेंगे।
संगोष्ठी की थीम और मुख्य बिंदु
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि ने “समकालीन व्यापार की चुनौतियां और संभावनाएं” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्ट‑अप संस्कृति, ई‑कॉमर्स, ग्लोबल सप्लाई चेन, ग्रीन बिज़नेस, और कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी जैसे मुद्दों को सरल ढंग से समझाया। उनके अनुसार आज के समय में व्यापार केवल लाभ कमाने तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण और नैतिक मूल्यों से भी गहराई से जुड़ा है।
वाणिज्य विभाग के विशेषज्ञों ने भी आगामी सत्रों की रूपरेखा बताते हुए कहा कि दो दिनों में वित्त, मार्केटिंग, मानव संसाधन, उद्यमिता, ग्रामीण व महिला उद्यम विकास, डिजिटल भुगतान प्रणाली और जीएसटी जैसे विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी। साथ ही छात्राओं और शोधार्थियों के लिए पेपर प्रेज़ेंटेशन, पोस्टर प्रेज़ेंटेशन और इंटरैक्टिव सत्र रखे गए हैं, जिससे उन्हें प्रस्तुतीकरण और शोध‑लेखन का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
सांस्कृतिक रंग और छात्राओं की भागीदारी
उद्घाटन के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने संगोष्ठी को जीवंत और यादगार बना दिया। छात्रा दिशा टोप्पो और उनके समूह ने प्रार्थना नृत्य की अत्यंत मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण तैयार किया। इसके बाद अन्य छात्राओं ने स्वागत गीत, समूह नृत्य और लघु नाट्य रूपांतरण के माध्यम से भारतीय संस्कृति और आधुनिक व्यापार के संबंध को रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया।
कॉलेज की छात्राओं की सक्रिय भागीदारी पूरे कार्यक्रम में साफ दिखाई दी। किसी ने मंच संचालन का दायित्व संभाला, तो किसी ने पंजीयन, तकनीकी सहायता या अतिथि‑सत्कार की जिम्मेदारी निभाई। इससे उनमें नेतृत्व, टीम‑वर्क और प्रबंधन कौशल का विकास होता नज़र आया, जो आगे चलकर उनके करियर में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
पहले दिन के समापन पर छात्रों और अतिथियों की प्रतिक्रियाएं बेहद सकारात्मक रहीं। प्रतिभागियों ने माना कि वर्तमान आर्थिक परिदृश्य को समझने के लिए इस तरह के अकादमिक कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी हैं, क्योंकि यहां केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि वास्तविक अनुभव और केस‑स्टडी भी साझा किए जाते हैं। आयोजकों ने बताया कि दूसरे दिन विशेष व्याख्यान, पैनल डिस्कशन और वैलेडिक्ट्री सत्र होंगे, जिनमें श्रेष्ठ शोध‑पत्रों और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों को सम्मानित किया जाएगा।



