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फिर निगम की टीम प्रहरी का अभियान, 15 ठेले हटाए, सामान को सडक से किया जब्त

दरअसल, सड़कों के किनारे, पसरा, ठेले, खोमचे वालों को व्यवस्थित कारोबार की जगह मुहैया कराने के लिए निगम प्रशासन ने वेंडर जोन की योजना तो बनाई, लेकिन वो फाइलों से बाहर नहीं निकली। नतीजा छोटे-छोटे काम-धंधा करने वाले सबसे अधिक शहर के ट्रैफिक वाली सड़कों पर ही कारोबार करने मजबूर हैं। हैरानी ये कि स्मार्ट सिटी के तहत बूढ़ातालाब धरनास्थल की जगह पर सवा करोड़ रुपए खर्च कर वेंडर जोन के रूप में काम कराया, लेकिन, वह जगह आज भी खाली पड़ी है।
15 अगस्त विज्ञापन




