धमतरी में रामन स्वीट्स का लाइसेंस निलंबित, गंदगी मिलने पर खाद्य विभाग की कार्रवाई

धमतरी में दीपावली के त्योहार से पहले खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और लोगों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए अपना जांच अभियान तेज कर दिया है। अक्टूबर 2026 से अब तक विभाग की टीम ने जिले भर में कुल 41 मिठाई, नमकीन और अन्य खाद्य सामग्री बनाने वाले प्रतिष्ठानों का गहन निरीक्षण किया है। इस अभियान के दौरान, विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 23 नमूने एकत्र कर विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
विभाग की टीमें दुकानों और फैक्ट्रियों में साफ-सफाई के मानकों, मिठाइयों की गुणवत्ता और उनमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री की बारीकी से जांच कर रही हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी फनेश्वर पिथौरा ने बताया कि दीपावली के मद्देनजर यह जांच अभियान धमतरी शहर के साथ-साथ नगरी, मगरलोड, मेघा और जिले के अन्य महत्वपूर्ण इलाकों में भी चलाया जा रहा है। विशेष रूप से मिठाई और नमकीन बनाने वाली फैक्ट्रियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। टीम मिठाइयों में उपयोग होने वाले चांदी के वर्क, खाद्य रंग, कच्चे माल की गुणवत्ता और उत्पादन स्थल पर साफ-सफाई की स्थिति का मूल्यांकन कर रही है।
जांच अभियान के दौरान, गंदगी के बीच मिठाई बनाने और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में रामन स्वीट्स मिठाई कारखाने का एफएसएसएआई लाइसेंस पहले ही निलंबित किया जा चुका है। यह कार्रवाई प्रतिष्ठान में स्वच्छता मानकों की गंभीर अनदेखी के कारण की गई है।
इसके अतिरिक्त, धमतरी स्थित सुनील नमकीन फैक्ट्री से भी खाद्य पदार्थ का नमूना जांच के लिए लिया गया है। नगरी के बीकानेर स्वीट्स को नियमों का पालन करने के लिए चेतावनी जारी की गई है। हल्दी-मिर्च और अन्य मसाला बनाने वाली फैक्ट्रियों से भी नमूने एकत्र किए गए हैं, जिनमें भखारा के पास स्थित एक मसाला फैक्ट्री से भी खाद्य सामग्री का नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि कुछ स्थानों पर खराब और खाने योग्य न बची खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया है। एक नमकीन फैक्ट्री का लाइसेंस भी एक दिन के लिए निलंबित किया गया था। इन सभी खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट दीपावली के बाद आने की संभावना है।
खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ विभाग कानूनी कार्रवाई भी कर रहा है। नवरात्रि के दौरान बिना खाद्य पंजीयन के कारोबार करते पाए गए 9 फल विक्रेताओं के मामले न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं। पिछले एक साल के भीतर ऐसे कुल 21 मामले न्यायालय में पेश किए गए हैं, जिनमें से 9 मामलों का निराकरण हो चुका है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के नियमों का उल्लंघन करने पर दोषी पाए गए कारोबारियों पर कुल 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
विभाग ने जिले के लगभग 700 खाद्य कारोबारियों को फोस्टैक (FoSTaC) प्रशिक्षण भी प्रदान किया है। इस प्रशिक्षण में खाद्य पदार्थ बनाने और बेचने के दौरान साफ-सफाई बनाए रखने और सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करने के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी फनेश्वर पिथौरा ने आम जनता से अपील की है कि दीपावली पर मिठाई और नमकीन खरीदते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने सड़क किनारे खुले में रखी और धूल-मिट्टी के संपर्क में आने वाली खाद्य सामग्री खरीदने से बचने की सलाह दी है। इसके साथ ही, चांदी के वर्क वाली मिठाइयों को लेकर भी सावधानी बरतने को कहा गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दौरान यह जांच अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी कारोबारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ मिल सकें।




