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CM साय की बड़ी घोषणा, 1.72 करोड़ से बनेगा विश्राम गृह, तीरंदाजी को मिलेगा बढ़ावा…

15 अगस्त विज्ञापन


CG News: छत्तीसगढ़ के जशपुरनगर जिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने घोषणा को प्राथमिकता से पूरा भी कर रहे हैं। इसी कड़ी में विगत दिवस तपकरा प्रवास के दौरान फरसाबहार में विश्राम गृह बनाने की घोषणा की थी जिसके के 1 करोड़ 72 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति भी दे दी है।

गौरतलब है कि उक्त कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने तपकरा को नगर पंचायत बनाने, तपकरा स्थित खेल स्टेडियम के सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपए देने और फरसाबहार में विश्राम गृह निर्माण करने की घोषणा की।

CG News: लोगों को मिल रहा है इसका लाभ

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयास से आम जनता को अधिकांश कार्यों के लिए राजस्व विभाग की जरूरत पड़ती है। तहसील कार्यालय खुलने से इसका लाभ यहां की नागरिकों मिल रहा है।साय ने कहा कि हमारी सरकार मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए।

आवास प्लस प्लस के तहत जिसके पास 5 एकड़ असिंचित भूमि, 2.50 एकड़ सिंचित भूमि, टू व्हीलर और 15 हजार की आमदनी है उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान 3 लाख हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया गया था।

महिलाओं को सशक्त बनाने महतारी वंदन योजना ने माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपए दिए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आमदनी में इजाफा के लिए तेंदूपत्ता प्रति मानक बोरा 5500 रुपए किया गया है। गांव में ही बैंकिंग की सुविधा मिले इसके लिए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोले जा रहे हैं। आगामी पंचायत दिवस को सभी ग्राम पंचायतों में इसे शुरू करने की योजना है।

क्षेत्रवासियों में हर्ष

फरसाबहार में विश्राम गृह की स्वीकृति मिलने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों मुख्यमंत्री का जताया आभार घोषणा अनुरूप फरसाबहार में विश्राम गृह की स्वीकृति मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हर्ष व्याप्त है,उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार प्रकट किया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगीचा विकास खंड के सन्ना तहसील में आरचेरी अकादमी बनाने के लिए 20 करोड़ 53 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दे दी गई है। एन टी पी सी लारा ने सीएसआर फंड से यह राशि दिया गया। तीरंदाजी अकादमी में दूरस्थ अंचलों के विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बच्चों और अन्य आदिवासी बच्चों को खेल अभ्यास कराया जाएगा ताकि बच्चे अपनी प्रतिभा राज्य से लेकर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर दिखा सके।

फरसाबहार में बनेगा विश्राम गृह

मुख्यमंत्री ने कहा खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किया जा रहा है। तीरंदाजी केन्द्र में अभ्यास के लिए एक खेल मैदान, छोटा पुस्तकालय, मेडिकल की सुविधा, बच्चों का कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्र, छोटा नर्सरी और हर्बल चाय की खेती की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

उल्लेखनीय है कि आरचेरी एक खेल और कला है जिसमें धनुष और बाण का उपयोग करके लक्ष्य पर निशाना लगाया जाता है। यह एक प्राचीन गतिविधि है धनुष यह एक लचीली वस्तु होती है जिससे बाण को छोड़ा जाता है। बाण नुकीला तीर जिसे लक्ष्य पर छोड़ा जाता है।

लक्ष्य जिस पर निशाना लगाया जाता है, आमतौर पर एक गोल आकृति होती है जिसमें अलग-अलग रंग और स्कोर क्षेत्र होते हैं। निशाना लगाने की तकनीक इसमें एकाग्रता, संतुलन और शरीर की स्थिरता बहुत ज़रूरी होती है। भारत में आरचेरी का गहरा इतिहास है। महाभारत और रामायण में भी धनुर्विद्या का उल्लेख है। आधुनिक खेलों में भारत के खिलाड़ी जैसे दीपिका कुमारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है।



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