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CM की जासूसी, हनीट्रैप की साजिश: अब STF  के हत्थे चढ़ा हमीम का दूसरा साथी, क्या बंगाल में पैर फैला रहा जैश?

15 अगस्त विज्ञापन


पश्चिम बंगाल में एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। स्पेशल टास्क फोर्स की टीम ने आतंकी और आपराधिक नेटवर्क के एक ऐसे बड़े जाल को ध्वस्त किया है, जो राज्य के बड़े नेताओं को ब्लैकमेल करने और अपहरण करने की तैयारी में था। पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के संदिग्ध सहयोगी हमीम मंडल के दूसरे सबसे करीबी मददगार आदित्य सिंह उर्फ राज को हावड़ा के बेलिलियस रोड स्थित उसके ठिकाने से धर दबोचा है।

कौन है आदित्य सिंह और क्या थी उसकी भूमिका?

क्राइम की इस पूरी पटकथा में आदित्य सिंह उर्फ राज की भूमिका एक ‘लोकल खबरी’ और ‘जासूस’ की थी। हावड़ा के बेलिलियस रोड का रहने वाला आदित्य लगातार भाजपा विधायक और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली कैबिनेट में राज्य मंत्री उमेश राय की रेकी कर रहा था। वह मंत्री और उनके परिजनों की पल-पल की मूवमेंट की जानकारी मुख्य आरोपी हमीम मंडल तक पहुंचाता था। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद मंत्री उमेश राय को जो धमकी भरा कॉल आया था, उसके पीछे भी इसी आदित्य सिंह का हाथ होने की बात सामने आई है।

हनीट्रैप से लेकर किडनैपिंग तक, क्या था इस सिंडिकेट का मास्टरप्लान?

इस गैंग का मकसद बेहद खतरनाक था। पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर यह सिंडिकेट बड़े नेताओं और प्रभावशाली लोगों के बच्चों व रिश्तेदारों को सोशल मीडिया के जरिए अपने जाल में फंसाता था। मॉडल और रील बनाने की शौकीन अर्पिता सरकार जैसी सहयोगियों के जरिए टारगेट को प्यार के जाल में फंसाकर (हनीट्रैप) ब्लैकमेल किया जाता था। अगर ब्लैकमेलिंग से बात नहीं बनती, तो अपहरण (किडनैपिंग) करके मोटी रकम वसूलने की पूरी योजना तैयार थी।

कैसे खुला आतंकी साजिश का यह पूरा धागा?

इस पूरे केस की कड़ियां एक-एक करके खुलीं। एसटीएफ ने सबसे पहले मुख्य आरोपी हमीम मंडल को बर्धमान शहर से दबोचा था। उसी रात उसकी महिला सहयोगी अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया। दोनों से जब एसटीएफ की कस्टडी में कड़ाई से पूछताछ हुई, तो उन्होंने आदित्य सिंह का राज उगला। रविवार देर रात एसटीएफ की टीम ने हावड़ा में आदित्य के घर पर धावा बोला और रातभर चली मैराथन पूछताछ के बाद सोमवार सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया।


यह भी पढ़ें: जैश के निशाने पर बंगाल के सीएम: शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा बढ़ी, क्यों बदला पूरा सुरक्षा प्रोटोकॉल?

पाकिस्तान कनेक्शन और मुख्यमंत्री की सुरक्षा पर खतरा?

जांचकर्ताओं को मिले सबूतों से यह साफ हो गया है कि यह गिरोह महज एक आपराधिक गैंग नहीं, बल्कि पाकिस्तान संचालित ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ (एसबीएन) का डिजिटल और मैदानी मॉड्यूल था। हमीम के पास से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सुरक्षा घेरे और दौरों से जुड़े बेहद संवेदनशील दस्तावेज मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और मुख्यमंत्री की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस अब आदित्य को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी ताकि गैंग के अन्य सफेदपोश चेहरों को बेनकाब किया जा सके।

मामले से जुड़ी पांच बड़ी बातें


  1. मास्टरमाइंड का दाहिना हाथ गिरफ्तार: एसटीएफ ने जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध सहयोगी हमीम मंडल के दूसरे साथी आदित्य सिंह उर्फ राज को गिरफ्तार कर लिया है।

  2. मंत्री और उनका परिवार निशाने पर: आरोपी आदित्य सिंह, हावड़ा-उत्तर के भाजपा विधायक और राज्य मंत्री उमेश राय की गतिविधियों पर नजर रख रहा था।

  3. साजिश का खौफनाक प्लान: नेटवर्क का मकसद मंत्री के परिवार को हनीट्रैप, ब्लैकमेल और अपहरण कर करोड़ों की फिरौती वसूलना था।

  4. विदेशी आकाओं से तार जुड़े: यह पूरा सिंडिकेट पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क और जैश-ए-मोहम्मद के सीधे संपर्क में था।

  5. मुख्यमंत्री की सुरक्षा में बढ़ी मुस्तैदी: मुख्य आरोपी के पास से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के रूट और समय सारणी के गोपनीय दस्तावेज बरामद हुआ।

क्या बंगाल में पैर फैला रहा है जैश?

पश्चिम बंगाल में हालिया गिरफ्तारियों के बाद यह सवाल फिर चर्चा में है कि क्या जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क राज्य में अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। एसटीएफ का दावा है कि हमीम मंडल और उसके सहयोगियों के तार पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े मॉड्यूल से जुड़े मिले हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह कथित तौर पर रेकी, हनीट्रैप, ब्लैकमेल और अपहरण जैसी आपराधिक गतिविधियों के जरिए अपना नेटवर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के दायरे, विदेशी कनेक्शन तथा अन्य संदिग्ध सहयोगियों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।



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