छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली का कहर: 5 की मौत, 11 घायल; बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त
छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 5 लोगों की जान चली गई है, जबकि 11 अन्य घायल हुए हैं। मनेंद्रगढ़, सूरजपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में ये हादसे हुए। लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। गरियाबंद में एक युवक उफनते नाले में बहने से बाल-बाल बचा। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है, जिससे राज्य में स्थिति और बिगड़ सकती है।
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश और आकाशीय बिजली का प्रकोप जानलेवा साबित हो रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बिजली गिरने की घटनाओं में कुल 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 11 अन्य घायल हुए हैं। इन हृदय विदारक घटनाओं ने स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना दिया है।
पहला हादसा मनेंद्रगढ़ जिले के खड़गवां ब्लॉक के शिवपुर गांव में हुआ, जहां खेत में काम कर रहे तीन ग्रामीण आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
इसी तरह की एक अन्य घटना सूरजपुर जिले के नमदगीरी गांव में सामने आई। यहां किसान विनय देवांगन (35) अपने खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक बिजली गिरी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी बिजली गिरने से एक महिला मजदूर ने दम तोड़ दिया और छह अन्य महिलाएं घायल हो गईं। इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि मानसून के इस दौर में आकाशीय बिजली एक गंभीर खतरा बनकर उभरी है।
लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के कई नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गरियाबंद जिले के छिन्दोला-आमामोरा मार्ग पर बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। खोलापारा नाले के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया है। एक बाइक सवार ने नाले को पार करने की कोशिश की, लेकिन वह बहने लगा। हालांकि, वहां मौजूद अन्य लोगों की सजगता से उसे बचा लिया गया। जलभराव के कारण आमामोरा, ओढ़, कुकरार और नगरार जैसे कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है, जिससे दैनिक जीवन की आवश्यक वस्तुएं प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है।
वहीं, सारंगढ़-बरमकेला में लाट नाले में बही कार में सवार पूर्व सरपंच देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी का दो दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बचाव दल लगातार उनकी तलाश कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन के असर से छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटों तक मौसम बिगड़े रहने की चेतावनी जारी की है। विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। सोमवार दोपहर को रायपुर में भी तेज बारिश हुई, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव देखा गया।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में रायपुर और बिलासपुर संभाग के कई इलाकों में हल्की से मध्यम, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, राज्य में अब तक मानसून की बारिश सामान्य से 21% कम रही है, जो चिंता का विषय है। तापमान की बात करें तो पेंड्रारोड में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
रायपुर में आज (28 जुलाई) दिनभर बादल छाए रहने, रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम तापमान 24°C रहने का अनुमान है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।



