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Chaupati News…. हर दिन घर ले जाते थे 1500 से 2 हजार, अब खाली भटक रहे

ये दर्द भरी कहानी है चौपाटी से बेदखल किए गए दुकानदारों की। उनका कहना है-हम छोटे दुकानदार ठेकेदार और नेताओं की आपसी लड़ाई में पिस गए। घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। वे यह भी कहते है कि चौपाटी में कई लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने किराए पर स्टॉल लेकर दूसरे को दे रखा था, परंतु 20 से 25 लोग ऐसे थे, जो चाट, समोसा, चाउमिन के स्टॉल खुद चला रहे थे, क्योंकि उसी से उनका परिवार चल रहा था और दूसरा उनके पास कोई काम नहीं। कुल 60 खानपान के स्टॉल थे, जिसे 22 नवंबर को साइंस कॉलेज मैदान के पास से हटाकर आमानाका ओवरब्रिज के पास नगर निगम ने कर दिया है, लेकिन, वहां अभी कोई सुविधा नहीं है। ठेकेदार से बात किए तो वह भी रुचि नहीं दिखा रहा है।
15 अगस्त विज्ञापन




