चैतन्य बघेल-जयचंद की जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू: पूर्व-CM के बेटे पर शराब घोटाले के पैसों को चैनलाइज करने का आरोप – Chhattisgarh News

चैतन्य बघेल और जयचंद कोसले की जमानत याचिका पर EOW स्पेशल कोर्ट में सुनवाई चल रही है। दोनों को छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी बनाया गया है। इससे पहले सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बुधवार को एसीबी-ईओड
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कोर्ट ने चैतन्य को 13 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। इससे पहले भी ईओडब्ल्यू की ओर से उन्हें 14 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा चुकी है।
क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?
यह घोटाला राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा आर्थिक घोटाला माना जा रहा है। ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब ₹3200 करोड़ रुपए का यह घोटाला भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल (2019–2022) में नई आबकारी नीति लागू होने के बाद शुरू हुआ।
कैसे शुरू हुआ घोटाला?
साल 2019 में कांग्रेस सरकार ने राज्य की आबकारी नीति (Excise Policy) में बड़ा बदलाव किया।सरकार ने शराब की खरीद, वितरण और बिक्री का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया।ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि इस नीति के बाद एक समानांतर अवैध नेटवर्क तैयार किया गया, जिसमें सरकारी अधिकारी, राजनीतिक नेता और कारोबारी शामिल थे।
ईडी की जांच में क्या सामने आया?
ईडी ने दावा किया कि इस नेटवर्क के जरिए—
- नकली होलोग्राम और फर्जी बिलिंग के जरिए शराब की अवैध बिक्री हुई।
- असली रसीदों की जगह फर्जी इन वॉइस बनाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया।
- ज्यादा शराब उत्पादन और बिक्री दिखाकर पैसा बाहर भेजा गया।
मुख्य आरोपी कौन-कौन?
इस मामले में कई बड़े नाम सामने आए हैं—
- अनिल टुटेजा, पूर्व IAS अधिकारी
- अरुण पति त्रिपाठी, पूर्व MD, CSMCL
- अनवर ढेबर, रायपुर के कारोबारी
- चैतन्य बघेल, पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे
ईडी के अनुसार, चैतन्य बघेल पर करीब ₹1000 करोड़ रुपए को चैनलाइज करने का आरोप है।




