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चैट जीपीटी से बनाए IPL के फर्जी टिकट, लखनऊ स्टेडियम के बाहर बेचते रायपुर-दुर्ग के चार युवक अरेस्ट

15 अगस्त विज्ञापन


लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आईपीएल मैच के दौरान फर्जी टिकट बेचने के आरोप में रायपुर-दुर्ग के चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है। …और पढ़ें

Publish Date: Mon, 11 May 2026 08:57:23 AM (IST)Updated Date: Mon, 11 May 2026 09:12:47 AM (IST)

फर्जी IPL टिकट बेचते चार युवक गिरफ्तार

HighLights

  1. लखनऊ इकाना स्टेडियम के बाहर कार्रवाई
  2. दिल्ली में भी टिकट बेचने की कोशिश
  3. लैपटाप और अधछपे टिकट बरामद हुए

नईदुनिया न्यूज नेटवर्क, रायपुर/ लखनऊ। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आईपीएल मैच के दौरान फर्जी टिकट बेचने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। उत्तरप्रदेश पुलिस ने रायपुर-दुर्ग के चार युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान दुर्ग निवासी श्रीकांत बोरकर, नूतन कुमार साहू, राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत साहू के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार आरोपी मैच देखने पहुंचे दर्शकों से ऑनलाइन भुगतान लेकर उन्हें जाली टिकट बेच रहे थे। मामले का खुलासा तब हुआ जब जालौन निवासी एक दर्शक ने टिकट फर्जी होने की शिकायत दर्ज कराई।

चैट जीपीटी और डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल

जांच में सामने आया है कि गिरोह नकली टिकटों को असली जैसा दिखाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस के मुताबिक आरोपित इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म से असली टिकटों की तस्वीरें डाउनलोड करते थे और फिर कोरल ड्रा सॉफ्टवेयर की मदद से उनकी हूबहू डिजाइन तैयार करते थे। बताया गया कि विश्वजीत साहू 2डी और 3डी डिजाइनिंग का काम करता है। उसी ने टिकटों की डिजाइन तैयार की थी। पुलिस का कहना है कि आरोपितों ने टिकट की क्वालिटी बेहतर बनाने के लिए चैट जीपीटी और डिजाइनिंग टूल्स की भी मदद ली।

पहले दिल्ली में भी कर चुके कोशिश

पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपित इससे पहले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भी फर्जी टिकट बेचने पहुंचे थे, लेकिन वहां उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने टिकट की गुणवत्ता में सुधार किया और छह मई को लखनऊ पहुंच गए। चारों युवक होटल में ठहरे थे और अगले दिन इकाना स्टेडियम के बाहर टिकट बेचने लगे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी को गिरफ्तार कर लिया।

साइबर सेल कर रही डिजिटल नेटवर्क की जांच

लखनऊ पुलिस और साइबर सेल अब गिरोह के डिजिटल नेटवर्क की जांच में जुटी है। अधिकारियों के अनुसार आनलाइन भुगतान मुख्य रूप से श्रीकांत बोरकर के खाते में लिया जाता था। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपितों ने अन्य शहरों में भी फर्जी टिकट बेचने का नेटवर्क तैयार किया था या नहीं।

कई सामान किए गए बरामद

पुलिस ने आरोपितों के पास से 15 जाली टिकट, 14 अधछपे टिकट, एक लैपटाप, चार मोबाइल फोन, पेपर कटर, 170 जीएसएम पेपर शीट, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और घटना में इस्तेमाल की गई कार बरामद की है। जांच एजेंसियों का मानना है कि गिरोह बड़े स्तर पर नकली टिकट तैयार करने की योजना बना रहा था। वहीं रायपुर-दुर्ग क्षेत्र में आरोपितों के संपर्कों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।



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