CG Cyber Fraud: ठग अपना रहे धोखाधड़ी के नए तरीके, लोग गवां रहे अपने लाखों पैसे.. | CG Cyber Fraud: Thugs adopting new methods fraud, losing lakhs

कई बार लोगों का खाता ही खाली हो जाता है। लोगों की जरूरत के हिसाब से ठग के तरीके अपनाए जा रहे हैं। अब ठग उच्च अधिकारी बनकर लोगों से ठगी कर रहे हैं और बिना ओटीपी मांगे ही पैसे निकल रहे हैं।
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CG Cyber Fraud: लिंक पर क्लिक करने पर मोबाइल हो जाता है हैक
साइबर ठगों के झांसे में कम पढ़े लिखे ही नहीं उच्च शिक्षित लोग भी इनके झांसे में आ रहे हैं। साइबर ठगी के केस सुलझाने स्पेशल सेल भी बनी है, उसके बाद भी लोगों की राशि पार हो रही है। 2024 में साइबर ठगी के कुल 20 प्रकरण दर्ज किए गए थे। 2023 में चार और 2022 में 2 प्रकरण दर्ज किए गए थे। जैसे-जैसे लोग स्मार्टफोन का ज्यादा उपयोग कर रहे हैं, लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। साइबर सेल से मिली जानकारी के अनुसार साइबर ठगी के मामलो में 2022 और 2023 की अपेक्षा वर्ष 2024 में अधिक राशि होल्ड कराई गई है। इसके अलावा पार्थियों को रिफण्ड भी किया गया है।
सतर्कता ही बचाव
लोगों को अनजान कॉल से बचना चाहिए। किसी भी अंजान लिंक पर नहीं जाना चाहिए। अंजान नंबरों से आए फोन ओटीपी नहीं बताना चाहिए। ठग रोजमर्रा में काम आने वाले चीजों पर भी झांसा देकर लोगों की जमा पूंजी खाली कर रहे हैं।
परीक्षा में पास करने कॉल
पिछले दिनों एक स्कूल छात्रा को फोन आया था कि परीक्षा में अंक कम है और पैसे देने पर पास कर देंगे। ठग मूल्यांकनकर्ता बनकर फोन कर रहे हैं। छात्रा ने तुरंत स्कूल के प्राचार्य को जानकारी दी और छात्रा ठगी का शिकार होने से बच गई। पास कराने के नाम पर भी कॉल किए जा रहे हैं।
सरपंच से ठगी
नल जल योजना के तहत मजदूर भेजने का झांस दिया। इसके बदले सरपंच से यात्रा खर्च मांगा। दुधीपाली पंचायत में एक सरपंच से 25 हजार रुपए की ठगी हो चुकी है। सरपंच को लगा पीएचई विभाग विभाग से फोन आया है और फोन पे पर रुपए डाल दिया।
19 हजार की ठगी
चार अप्रैल को ही पोषण ट्रेक्टर के ईकेवाईसी के बहाने एक महिला के खाते से 19 हजार 478 रुपए पार हो गए। उच्च अधिकारी बनकर ईकेवाई नहीं होने को लेकर पहले डराया और धमकाया। जिससे महिला झांसे में आ गई। ग्राम लखनपुर निवासी एक महिला ऑनलाइन ठगी का शिकार हुई।
मोबाइल हैक कर ठगी
फोन पर अनजान नंबरों से लिंक भेजे जा रहे हैं या वाट्सऐप में अनजान फोटो खोलने पर लिंक आ रहा है। कभी ऑनलाइन शॉपिंग, इनाम जीतने, चुनाव में टिकट दिलाने के नाम पर और ड्रग इंस्पेक्टर बनकर और बिजली बिल भुगतान को लेकर लिंक भेज रहे हैं। इसको खोलने से मोबाइल हैक हो जाता है और पैसे निकाल लिए जाते हैं।
साइबर ठगी किसी भी एक शस को ठगते वक्त सारी रकम एक खाते में ट्रांसफर नहीं करते है। डिजिटल अरेस्ट कर रकम ट्रांसफर कराई जा रही है या फोन हैक कर खाते से रकम निकाले जा रहे हैं।




