बिलासपुर में अनुकंपा नियुक्ति में फर्जीवाड़ा… पत्नी की सरकारी नौकरी छिपाई, 4 साल बाद कर्मचारी बर्खास्त

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने अनुकंपा नियुक्ति में हुए बड़े फर्जीवाड़े को पकड़ा है। जांच के बाद सहायक ग्रेड-3 नरेंद्र कुमार वैष्णव को नौकरी से बर्खा…और पढ़ें
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने अनुकंपा नियुक्ति में हुए बड़े फर्जीवाड़े को पकड़ा है। जांच के बाद सहायक ग्रेड-3 नरेंद्र कुमार वैष्णव को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में यह साबित हुआ है कि नरेंद्र ने अनुकंपा नियुक्ति लेते समय विभाग से यह बात छिपाई थी कि उसकी पत्नी पहले से सरकारी नौकरी में है।
नरेंद्र कुमार वैष्णव को वर्ष 2021 में बिल्हा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेमरताल में अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी। नियुक्ति के बाद विभाग को शिकायत मिली कि नरेंद्र की शादी 30 जनवरी 2020 को हो चुकी थी और उसकी पत्नी मुंगेली के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में सरकारी कर्मचारी है। सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों के मुताबिक अगर परिवार का कोई भी सदस्य पहले से सरकारी सेवा में है, तो दूसरे सदस्य को अनुकंपा का लाभ नहीं मिल सकता। नरेंद्र ने विभाग को बिना बताए गलत तरीके से यह नौकरी हासिल की थी, जिसके बाद डीईओ ने उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक न मिलने पर सेवा समाप्ति का आदेश जारी किया है।
दस्तावेज जांचने वाले अफसरों की भूमिका पर उठे सवाल
कार्रवाई के बाद अब साल 2021 से लेकर अब तक नरेंद्र को बांटे गए लाखों रुपये के वेतन की वसूली का संकट खड़ा हो गया है। विभाग में यह चर्चा तेज है कि नियुक्ति के समय दस्तावेजों की जांच करने वाले अफसरों ने इतनी बड़ी लापरवाही कैसे की।
शिकायतें पहले भी हुई थीं, लेकिन फाइल को दबाकर रखा गया जिससे शासन को आर्थिक चपत लगी। अब उस समय पदस्थ रहे जिम्मेदार अफसरों और बाबुओं की भूमिका की जांच करने की मांग भी उठने लगी है।
शिकायत की जांच में यह सही पाया गया कि कर्मचारी ने पत्नी के शासकीय सेवा में होने की बात छिपाई थी। नियमों के उल्लंघन पर सहायक ग्रेड-3 नरेंद्र कुमार वैष्णव की अनुकंपा नियुक्ति रद्द करते हुए सेवा समाप्त कर दी गई है। – रामेश्वर जायसवाल, जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर



