छत्तीसगढ़

बंटवारे से पहले नामांतरण? फिर कंपनी के नाम रजिस्ट्री! करोड़ों की पैतृक जमीन हड़पने का आरोप, राजस्व अमले पर उठे गंभीर सवाल

15 अगस्त विज्ञापन

(गौरी शंकर गुप्ता) घरघोड़ा,। घरघोड़ा तहसील के ग्राम चारमार में पैतृक कृषि भूमि को लेकर सामने आए विवाद ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक किसान परिवार ने आरोप लगाया है कि बिना वैध बंटवारा आदेश और बिना सभी हिस्सेदारों की सहमति के विवादित भूमि का नामांतरण कर दिया गया, जिसके बाद कथित रूप से उसी जमीन की रजिस्ट्री बी.एस. स्पंज प्रा. लि. के पक्ष में कर दी गई।

पीड़ित पक्ष चिंतामणी गुप्ता एवं सरधाकर गुप्ता का कहना है कि उनकी लगभग 71.767 हेक्टेयर पैतृक भूमि आज भी संयुक्त खाते में दर्ज है तथा बंटवारे का प्रकरण नायब तहसीलदार न्यायालय में लंबित है। इसके बावजूद कुछ खसरा नंबरों का नामांतरण अन्य व्यक्तियों के नाम कर दिया गया।

शिकायत के बाद रिकॉर्ड में बदलाव का आरोप

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जब उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध किया और प्रशासन से शिकायत की, तो संबंधित राजस्व अभिलेखों में संशोधन कर दिए गए। उनका कहना है कि रिकॉर्ड में बदलाव कर पहले की कार्रवाई को वैध दिखाने का प्रयास किया गया। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह राजस्व अभिलेखों की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

5 मई को कंपनी के नाम हुई रजिस्ट्री

शिकायत के अनुसार, 5 मई 2026 को विवादित भूमि की रजिस्ट्री बी.एस. स्पंज प्रा. लि. के पक्ष में की गई। आरोप है कि यह रजिस्ट्री फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर कराई गई। शिकायतकर्ताओं ने इस पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

विवाद के बीच निर्माण कार्य जारी होने का दावा

पीड़ित पक्ष का दावा है कि शिकायत लंबित होने के बावजूद संबंधित भूमि पर कंपनी द्वारा बाउंड्री वॉल, पिलर और अन्य निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने स्थल के फोटो और वीडियो भी एकत्र किए हैं और अब मामले को कलेक्टर के समक्ष उठाने की तैयारी कर रहे हैं।

अब प्रशासन के सामने बड़ी परीक्षा

यह मामला केवल भूमि विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि राजस्व प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच आवश्यक होगी।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और क्या विवादित भूमि पर निर्माण कार्य रोककर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाती है।

> नोट: यह समाचार शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध दावों पर आधारित है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि सक्षम जांच एवं प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही होगी।

15 अगस्त विज्ञापन
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