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अश्लील सीडी कांड में दोबारा ट्रायल पर CG हाईकोर्ट जाएंगे भूपेश बघेल, सेशन कोर्ट के फैसले को देंगे चुनौती

15 अगस्त विज्ञापन


छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित अश्लील सीडी कांड में एक बार फिर कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। सेशन कोर्ट द्वारा दोबारा ट्रायल शुरू करने के आदेश के बाद पूर्व म …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 28 Jan 2026 02:45:00 AM (IST)Updated Date: Wed, 28 Jan 2026 03:10:47 AM (IST)

भूपेश बघेल सेशन कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में देंगे चुनौती। फाइल फोटो

HighLights

  1. मार्च 2025 में सीबीआइ कोर्ट से मिली थी बरी
  2. विनोद वर्मा समेत अन्य आरोपितों की अपील खारिज
  3. मामला अक्टूबर 2017 के कथित सीडी विवाद से जुड़ा

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: अश्लील सीडी कांड में दोबारा ट्रायल शुरू करने के सेशन कोर्ट के आदेश को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हाई कोर्ट में चुनौती देंगे। यह आदेश 24 जनवरी 2026 को विशेष सीबीआइ न्यायाधीश द्वारा पारित किया गया, जिसमें कहा गया कि मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा बघेल को डिस्चार्ज करने का निर्णय कानूनसम्मत नहीं था।

मार्च 2025 में मिल चुकी थी राहत

उल्लेखनीय है कि मार्च 2025 में सीबीआइ की विशेष अदालत ने भूपेश बघेल को इस मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया था। इसके बाद सीबीआइ ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सेशन कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर की थी।

फिर शुरू होगी कानूनी कार्रवाई

सेशन कोर्ट के आदेश के बाद अब भूपेश बघेल के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत दोबारा कानूनी कार्रवाई शुरू होगी। यह फैसला बघेल के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

अन्य आरोपितों को भी राहत नहीं

इस मामले में सेशन कोर्ट ने अन्य आरोपितों पूर्व मीडिया सलाहकार विनोद वर्मा, कैलाश मुरारका और विजय भाटिया की अपीलों को भी खारिज कर दिया है। कोर्ट ने आरोप तय किए जाने के खिलाफ दायर उनकी याचिकाओं को नामंजूर कर दिया, जिसके बाद अब इन सभी को ट्रायल का सामना करना होगा।

राजेश मूणत का बयान

मामले में पीड़ित पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और वे न्याय मिलने की उम्मीद रखते हैं।

क्या है 2017 का विवाद

यह मामला अक्टूबर 2017 का है, जब तत्कालीन भाजपा सरकार में लोक निर्माण विभाग मंत्री रहे राजेश मूणत की एक कथित आपत्तिजनक सीडी सार्वजनिक हुई थी। इस मामले में पत्रकार विनोद वर्मा को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उनके पास से सीडी की 500 प्रतियां बरामद करने का दावा किया था।

आरोप था कि सीडी कूटरचित थी और मंत्री की छवि खराब करने के लिए साजिश के तहत तैयार व प्रसारित की गई। उस समय तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल पर सीडी बांटने और षड्यंत्र रचने का आरोप लगा था, जिसके चलते उन्हें 14 दिन जेल में भी रहना पड़ा। बाद में राज्य सरकार ने जांच सीबीआइ को सौंप दी थी।

अजय चंद्राकर की प्रतिक्रिया

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि सीडी कांड में राजनीति नहीं होनी चाहिए थी। उन्होंने इसे भविष्य के लिए एक उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।



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