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अफीम की खेती का खुलासा करने वाला सरपंच बर्खास्त: चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामला छिपाया

15 अगस्त विज्ञापन

गौरीशंकर गुप्ता/छत्तीसगढ़ में सबसे पहले अफीम की खेती का खुलासा दुर्ग जिले में हुआ था। इसकी शिकायत समोदा गांव के सरपंच अरुण गौतम ने की थी। इस मामले में पुलिस ने बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार को अफीम की खेती करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

वहीं, अब अफीम की खेती की शिकायत करने वाले समोदा गांव के सरपंच अरुण गौतम को बर्खास्त कर दिया गया है। एसडीएम कोर्ट ने उन्हें चुनावी हलफनामे में हत्या के प्रयास का मामला छिपाने का दोषी पाया। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें सरपंच पद से हटाने का आदेश दिया है।

अब समोदा गांव में सरपंच पद के लिए दोबारा उपचुनाव कराया जाएगा। कोर्ट ने दुर्ग जनपद पंचायत के सीईओ को राज्य निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू की जा सके।

2 महीने पहले ही बीजेपी नेता के खिलाफ की थी शिकायत

समोदा गांव के सरपंच अरुण गौतम ने करीब दो महीने पहले, होली के बाद बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार के खेत में अफीम की खेती होने की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की थी। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।

वहीं, विनायक ताम्रकार ने भी सरपंच अरुण गौतम के खिलाफ चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामला छिपाने की शिकायत की थी। दोनों पक्षों के बीच काफी समय से विवाद बना हुआ है।

चुनाव हारने वाली प्रत्याशी ने सरपंच के खिलाफ लगाई थी याचिका

सरपंच अरुण गौतम को उनके पद से हटा दिया गया है। एसडीएम (राजस्व) कोर्ट ने उनका चुनाव निरस्त कर दिया है। अरुण गौतम ने साल 2025 के पंचायत चुनाव में जीत हासिल की थी, लेकिन चुनाव के दौरान उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज हत्या के प्रयास (धारा 307) समेत अन्य मामलों की जानकारी चुनावी हलफनामे में नहीं दी थी।

इस मामले को लेकर चुनाव में दूसरे स्थान पर रहीं प्रत्याशी भुवनेश्वरी देशमुख ने आपत्ति जताते हुए कोर्ट में याचिका दायर की थी। शुरुआत में रिटर्निंग ऑफिसर ने उनकी आपत्ति खारिज कर दी थी। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां से सुनवाई के लिए इसे दोबारा एसडीएम कोर्ट भेजा गया।

एसडीएम कोर्ट में दस्तावेजों की जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि अरुण गौतम के खिलाफ दुर्ग कोर्ट में पहले से एक गंभीर आपराधिक मामला लंबित था। इसके बावजूद उन्होंने चुनावी हलफनामे में इस जानकारी को छिपाया था।

कोर्ट ने समोदा का सरपंच पद रिक्त घोषित किया

एसडीएम कोर्ट ने कहा कि चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाना नियमों का उल्लंघन है। इसी आधार पर कोर्ट ने अरुण गौतम का चुनाव शून्य घोषित करते हुए समोदा गांव का सरपंच पद रिक्त घोषित कर दिया।

याचिकाकर्ता भुवनेश्वरी देशमुख ने मांग की थी कि उन्हें सरपंच घोषित किया जाए, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि चुनाव में अरुण गौतम को 869 वोट मिले थे, जबकि भुवनेश्वरी देशमुख को 741 वोट प्राप्त हुए थे। इतने बड़े अंतर के बाद दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार को सीधे विजयी घोषित करना उचित नहीं होगा। इसी वजह से कोर्ट ने गांव में दोबारा चुनाव कराने का फैसला लिया है।

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