Uncategorized

अधीक्षक पर छात्रावास में बच्चों से मारपीट, जान से मारने की धमकी और गाली देने का आरोप, सामने आया वीडियो, मचा हड़कंप

15 अगस्त विज्ञापन


बालोद जिले के नगर पंचायत चिखलाकसा स्थित प्री-मैट्रिक छात्रावास में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है। …और पढ़ें

Publish Date: Mon, 30 Mar 2026 01:40:14 PM (IST)Updated Date: Mon, 30 Mar 2026 01:42:12 PM (IST)

HighLights

  1. प्री-मैट्रिक छात्रावास में दुर्व्यवहार का मामला
  2. कलेक्टर ने तुरंत मामले की जांच के निर्देश दिए
  3. आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई पुलिस

रवि भूतड़ा, नईदुनिया न्यूज, बालोद। जिले के नगर पंचायत चिखलाकसा स्थित प्री-मैट्रिक छात्रावास में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है। छात्रावास के अधीक्षक शुभम साखरे पर आरोप है कि वह वहां रह रहे बच्चों के साथ मारपीट करते हैं और उन्हें अश्लील गालियां देते हैं। इस कारण छात्रावास का माहौल में बदल गया है। मासूम बच्चे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

मामले का खुलासा तब हुआ जब इसकी सूचना जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष प्रशांत बाला बोकड़े को मिली। सूचना मिलते ही वे छात्रावास पहुंचे और बच्चों से बातचीत कर सच्चाई जानने का प्रयास किया। लेकिन इस दौरान अधीक्षक ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज की और आक्रामक रवैया अपनाया।

पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अधीक्षक को आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए साफ देखा और सुना जा सकता है। घटना की गंभीरता को देखते हुए इसकी जानकारी तत्काल कलेक्टर दिव्या मिश्रा को फोन के माध्यम से दी गई।

कलेक्टर ने तुरंत जांच के निर्देश दिए

कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के निर्देश दिए और आदिवासी विभाग के सहायक आयुक्त को कार्रवाई करने को कहा। निर्देश मिलते ही विभाग की टीम छात्रावास पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद मामले की सूचना दल्लीराजहरा थाने को दी गई।

आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई पुलिस

पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी अधीक्षक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। घटना की खबर फैलते ही छात्रावास में रह रहे बच्चों के अभिभावक भी बड़ी संख्या में वहां पहुंचने लगे। परिजन अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल पूरे मामले की जांच विभाग और पुलिस द्वारा की जा रही है। अब यह देखना होगा कि जांच के बाद आरोपी अधीक्षक के खिलाफ क्या सख्त कदम उठाए जाते हैं। यह घटना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करती है।



Source link

15 अगस्त विज्ञापन
विज्ञापन 1
विज्ञापन 2
विज्ञापन 3
विज्ञापन 4
विज्ञापन 5
विज्ञापन 6
विज्ञापन 7
विज्ञापन 8

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!