Uncategorized

आज का शब्द: आतप और शिवमंगल सिंह ‘सुमन’की कविता- इनको चूमो

15 अगस्त विज्ञापन


                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- आतप, जिसका अर्थ है- धूप, घाम, सूर्य का प्रकाश। प्रस्तुत है शिवमंगल सिंह ‘सुमन’की कविता- इनको चूमो
                                                                 
                            

कीचड़-कालिख से सने हाथ
इनको चूमो
सौ कामिनियों के लोल कपोलों से बढ़कर
जिसने चूमा दुनिया को अन्न खिलाया है
आतप-वर्षा-पाले से सदा बचाया है।

श्रम-सीकर से लथपथ चेहरे
इनको चूमो
गंगा-जमुना की लोल-लहरियों से बढ़कर
माँ-बहनों की लज्जा जिनके बल पर रक्षित
बुन चीर द्रौपदी का हर बार बढाया है।

कुश-कंटक से क्षत-विक्षत पग
इनको चूमो
जो लक्ष्मी-ललित क्षीर-सिंधु के
चर्चित चरणों से बढ़कर
जिनका अपराजित शौर्य
धवल हिम-शिखरों पर महिमा-मण्डित
मानवता का वर्चस्व सौरमण्डल स्पंदित कर आया है।

हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें। 

7 hours ago



Source link

15 अगस्त विज्ञापन
विज्ञापन 1
विज्ञापन 2
विज्ञापन 3
विज्ञापन 4
विज्ञापन 5
विज्ञापन 6
विज्ञापन 7
विज्ञापन 8

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!