Uncategorized

30,000 साल पुरानी गुफा का खौफनाक सच: वैज्ञानिकों पर मधुमक्खियों का धावा; इसी जगह पूर्व राजा भी गंवा चुके हैं अपनी जान

15 अगस्त विज्ञापन


नईदुनिया न्यूज, रायगढ़। शैल चित्रों के लिए प्रसिद्ध सिंघनपुर की प्राचीन गुफा में रविशंकर विश्वविद्यालय यूनिवर्सिटी रायपुर के पुरातत्व विभाग के शोधकर्ताओं की टीम के सदस्यों पर मधुमक्खियों द्वारा हमला करने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी को पहाड़ से निचे लाकर अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया है। घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

रायगढ़ जिले के भूपदेवपुर क्षेत्र में स्थित सिंघनपुर गुफा शैल चित्रों के लिए प्रसिद्ध है। इस गुफा के शैल चित्रों के सरंक्षण व शोध के लिए रायपुर से रविशंकर विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग की रिसर्च टीम शनिवार को सिंघनपुर पहुंची थी। टीम में डा एस. डी ओटा, डा. निहारिका, डा सुमन पाण्डेय, डा भाग्यश्री शामिल थी जो कि रामझरना प्रभारी गीतेश्वर पटेल के साथ सिंघनपुर गुफा का निरीक्षण करने पहाड़ पर गये थे।

वहीं टीम के सदस्य गुफा में प्रवेश कर प्राचीन शैल चित्रों का निरीक्षण कर रहे थे इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के हमले से घबराये टीम के सदस्यों में अफरा-तफरी मच गई और सभी अपनी जान बचाने इधर-उधर छिपने का प्रयास करने लगे।

संजीवनी 108 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची

रामझरना प्रभारी गितेश्वर पटेल ने वन विभाग के अन्य अधिकारियों को इस बात की सूचना दी। वहीं घटना की जनकारी मिलते ही वन विभाग तथा संजीवनी 108 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कर सभी घायलों को स्ट्रेचर के माध्यम से पहाड़ के निचे लाया गया। वहीं संजीवनी 108 के जिला प्रबंधक गिरधर साव के मार्गदर्शन में ईएमटी प्रमोद कुमार चौहान, पीली पटेल व चालक कमल बरेठ तथा संजू पटेल द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल उन्हें अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत में सुधार होना बताया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि गुफा में जहरीली और आक्रामक मधुमक्खियों का डेरा वर्षों से बना हुआ है।

इस लिए ख्याति है सिंघनपुर गुफा की

सिंघनपुर गुफा रायगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 18 किलोमीटर दूर स्थित है। सिंघनपुर गुफा अपने प्राचीन शैलचित्रों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। लगभग 30,000 वर्ष पुरानी इन प्रागैतिहासिक गुफाओं की खोज 1910 में एंडरसन द्वारा की गई थी। इन्हें पुरापाषाण काल का सबसे प्रमुख और छत्तीसगढ़ का पहला खोजा गया शैलचित्र स्थल माना जाता है। शैल चित्रों में शिकार करते हुए मनुष्य, घोड़े की पूंछ पकड़े मानव, पशु-पक्षियों की आकृतियां और मानव आकृतियों के समूह शामिल हैं। पर्यटन विभाग के मुताबिक सिंघनपुर की पहाड़ियों में कुल 11 गुफाएँ हैं, जिनमें से मुख्य गुफा बहुत दुर्गम और रहस्यमयी है।

पूर्व रियासत के राजा की जा चुकी जान

सिंघनपुर गुफा कई रहस्यों कैद किया हुआहै। इसमे मौजूद 11 गुफाओ में गड़ा धन होने की बात आसपास के गांव में चर्चा है। कई बार यहां इसी धन के लालच में लोग वहां जाते है जिसके चलते मधुमक्खियों ने हमला कर दिया है। वही पूर्व में भी रायगढ़ पूर्व रियासत के राजा लोकेश बहादुर सिंह पर भी सिंघनपुर में मधुमक्खियों के हमला कर देने से उनका निधन हो गया था। वर्तमान में ग्रामीणजन उक्त क्षेत्र में जाने से मधुमक्खी तथा अन्य खतरों के आभाष से डरते है।

मधुमक्खियों के हमला में घायल

ब्रम्हानंद धृतलहरे 27 साल

स्मृद्धि 69 साल

भाग्यश्री 30 साल

सुमन 35 साल

निहारिका 36 साल

गितेश्वर पटेल वन विभाग



Source link

15 अगस्त विज्ञापन
विज्ञापन 1
विज्ञापन 2
विज्ञापन 3
विज्ञापन 4
विज्ञापन 5
विज्ञापन 6
विज्ञापन 7
विज्ञापन 8

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!