16 करोड़ की सड़क चार महीने में उखड़ी, कुम्हारी ब्रिज पर गड्ढों से यात्रियों में नाराजगी
रायपुर-दुर्ग-भिलाई को जोड़ने वाले एनएच-53 के कुम्हारी-खारुन पुल की सड़क चार महीने के भीतर ही उखड़ गई है। करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई इस सड़क के जल्द ही क्षतिग्रस्त हो जाने से इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
एनएच-53 के कुम्हारी ब्रिज पर बनी इस सड़क में बड़े गड्ढे बन गए हैं, जो हादसों को न्योता दे रहे हैं। यह मार्ग रायपुर, दुर्ग और भिलाई के बीच आवागमन की महत्वपूर्ण कड़ी है, जिस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं।
सड़क के उखड़ने और गड्ढों के बनने से इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुल पर बने गड्ढे वाहनों की आवाजाही के दौरान हादसे का कारण बन सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि यह सड़क महज चार महीने पहले ही बनकर तैयार हुई थी, लेकिन इतने कम समय में इसकी हालत खराब हो गई। करीब 16 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च होने के बावजूद सड़क का जल्दी टूटना चर्चा का विषय बना हुआ है।
कुम्हारी-खारुन पुल की सड़क का उखड़ना इस बात को भी रेखांकित करता है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सड़क पर बने गड्ढों को लेकर आम लोगों में नाराजगी है।
एनएच-53 पर यह मार्ग रायपुर-दुर्ग-भिलाई के बीच आने-जाने वालों के लिए एक प्रमुख संपर्क मार्ग है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति का असर बड़ी संख्या में यात्रियों पर पड़ता है।
फिलहाल सड़क पर बने गड्ढों और उसकी क्षतिग्रस्त हालत को लेकर यह स्पष्ट हो गया है कि चार महीने में ही 16 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क उखड़ चुकी है और कुम्हारी ब्रिज पर यह हादसों का कारण बन सकती है।




