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युवा किसान ने धान छोड़ विकसित किया नवाचार मॉडल: रेतीली नहीं सामान्य जमीन पर तरबूज ले रहे, ड्रिप-मल्चिंग और पॉलीहाउस तकनीक से खेती – Raipur News

15 अगस्त विज्ञापन




सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के गोमर्डा अभयारण्य के अंतर्गत ग्राम रामटेक के 19 वर्षीय किसान अनिल पटेल ने पारंपरिक धान की खेती से अलग हटकर सब्जी आधारित उन्नत मॉडल विकसित किया है। कम उम्र में ही उन्होंने फसल चयन, तकनीक और जल प्रबंधन को जोड़कर ऐसा प्रयोग किया, जो क्षेत्र के किसानों के लिए उदाहरण बन रहा है। रेतीली जमीन पर लगने वाली तरबूज की फसल वे सामान्य जमीन पर ले रहे हैं। वहीं ग्राफ्डेट बैगन का भी उनका प्रयोग सफल रहा है। अनिल ने तीन वर्ष पहले 1 एकड़ में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से प्रयोगात्मक शुरुआत की, जो सफल रही। दूसरे वर्ष अदरक, बैंगन, मिर्च और खीरे की खेती की। उनकी आय तीन वर्षों में ही बढ़कर 15 लाख रुपए तक पहुंच गई। लगातार सफल प्रयोग को देखते हुए उन्होंने सब्जी का रकबा बढ़ाकर 5 एकड़ कर दिया है। 3 एकड़ में ड्रिप-मल्चिंग तकनीक से मिर्च, 1 एकड़ में खीरा और 1 एकड़ में तरबूज की खेती की जा रही है। एक एकड़ में पॉलीहाउस भी स्थापित है। इस सीजन में अब तक 180 क्विंटल मिर्च की बिक्री हो चुकी है। आमतौर पर तरबूज की खेती नदी-नालों के किनारे रेतीली मिट्टी में की जाती है, लेकिन अनिल ने सामान्य कृषि भूमि में ड्रिप-मल्चिंग पद्धति से तरबूज लगाकर नवाचार किया है। एक एकड़ में 30 टन तक उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। अभयारण्य क्षेत्र में होने के कारण गांव चारों ओर जंगलों से घिरा है, जिससे वातावरण में प्राकृतिक नमी बनी रहती है। लगभग 70 फीट जलस्तर और 25 डिसमिल में बनाए गए खेत तालाब से वर्षभर सिंचाई संभव है। ड्रिप-मल्चिंग पद्धति से खाद और पानी सीधे जड़ों तक पहुंचता है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है। तालाब में एक वर्ष मत्स्य पालन कर 40 हजार रुपए की अतिरिक्त आय भी प्राप्त की गई। सब्जी आधारित इस नवाचार मॉडल से परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। खेती के विस्तार से अब प्रतिदिन 10 लोगों को रोजगार मिल रहा है। अनिल की उपज पश्चिम बंगाल के कोलकाता, सिलीगुड़ी और हावड़ा तथा ओडिशा के कटक और भुवनेश्वर सहित अन्य शहरों तक सप्लाई हो रही है। व्यापारी खेत से ही तौलकर माल ले जाते हैं। अनिल कहते हैं कि खेती में बदलाव और नवाचार ही भविष्य है। मेहनत अधिक है, लेकिन आधुनिक तकनीक और सही बाजार मिलने से आमदनी कई गुना बढ़ाई जा सकती है। इन प्रगतिशील किसान से और जानें…6263856617



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