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विधवाओं को मिले 21 लाख का मुआवजा हड़प गया समाज का प्रदेश उपाध्यक्ष, केस दर्ज

15 अगस्त विज्ञापन


By sarfraj memon

Publish Date: Wed, 01 Oct 2025 03:22:28 PM (IST)

Updated Date: Wed, 01 Oct 2025 03:27:28 PM (IST)

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: बालोद जिले में रहने वाली महिला के दो बेटों की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उनकी मौत के बाद सांत्वना देने आए समाज के तत्कालीन प्रदेश उपाध्यक्ष ने मुआवजा दिलाने के बहाने महिलाओं को भरोसे में लेकर बिलासपुर कोर्ट में बीमा क्लेम किया। कोर्ट के आदेश पर महिला को 21 लाख रुपये का मुआवजा मिला।

उपाध्यक्ष एफडी कराने के बहाने 21 लाख रुपये बैंक से निकलवाकर ले गया। जब महिला और उसकी बहुओं ने रुपये की मांग की तो आरोपित साफ मुकर गया। समाज के लोगों के साथ आकर महिला ने पूरे मामले की शिकायत की है। इस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।

बालोद जिले के ग्राम कुमुरकट्टा में रहने वाली उर्मिला बाई सेन (50) ने धोखाधड़ी की शिकायत की है। महिला ने बताया कि उसके पति की मौत हो चुकी है। वह अपने बेटों भुवनेश्वर सेन और पिंकू राम सेन और बहुओं के साथ रहती थी। उनके दोनों बेटे जनवरी 2024 में अपनी बहन के घर राजनांदगांव जा रहे थे। बालोद के पास ट्रक की चपेट में आने से उनके दोनों बेटों की मौत हो गई।

हादसे के बाद समाज के लोग बड़ी संख्या में उन्हें सांत्वना देने के लिए आए। इसी दौरान समाज का तत्कालीन प्रदेश उपाध्यक्ष अविनाश ठाकुर,( निवासी अंबिकापुर शक्तिपारा) भी उनके घर आया था। उसने परिवार वालों को सांत्वना देते हुए बीमा क्लेम की रकम दिलाने की बात कही। समाज का प्रदेश उपाध्यक्ष होने के कारण महिला ने उस पर सहज भरोसा कर लिया।

बिलासपुर कोर्ट में लगाया केस

उसने महिला को बिलासपुर में क्लेम करने के लिए कहा। तब उसने बालोद कोर्ट में ही मामले को लगाने के लिए कहा। तत्कालीन प्रदेश उपाध्यक्ष ने बिलासपुर कोर्ट में ज्यादा बीमा क्लेम दिलाने का झांसा देकर मामले को यहां लगा दिया। यहां पर महिला की बड़ी बहू सुनीता सेन को 20 लाख और छोटी बहू दिलेश्वरी सेन को 19 लाख रुपये बीमा क्लेम देने का आदेश पारित हुआ।

यह भी पढ़ें- खेत की मेढ़ पर पत्नी की लाश, फांसी पर लटका मिला पति का शव, दंपती ने 12 साल पहले किया था प्रेम विवाह

अविनाश ठाकुर ने महिला और उनकी बहुओं को बैंक खाता खोलने के लिए बिलासपुर बुलाया और पंजाब नेशनल बैंक में खाता खुलवाया। बैंक में फार्म भरवाने और दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराने के बाद अविनाश ठाकुर ने सभी बीमा राशि अपने पास रख ली।

महिला ने बताया कि अविनाश ठाकुर ने उन्हें और उनके परिवार को कुछ राशि केवल 70 हजार रूपए के रूप में बांटे। बाकि रकम 21 लाख 21 हजार रूपए एफडी में जमा करने का झांसा दिया। बाद में उसने महिला और उनकी बहुओं को रुपये देने से इनकार कर दिया। महिला की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

समाजिक बैठक में कबूला जुर्म, फिर देने लगा आत्महत्या की धमकी

महिला ने बताया कि आरोपित अविनाश ठाकुर के हरकत की जानकारी उन्होंने समाज के लोगों को दी। इस पर समाज के लोगों ने बैठक की थी। इसमें अविनाश ठाकुर भी शामिल हुआ। समाज के लोगों के बीच उसने महिला और उनकी बहुओं के रुपये लेने की बात कबूल की थी। साथ ही उसने पूरी रकम वापस करने का आश्वासन दिया।



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