
सूरजपुर: सूरजपुर जिले में बीते शुक्रवार कलेक्टरेट घेराव के दौरान हुई तोड़फोड़ अब कानूनी कार्रवाई का रूप ले चुकी है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (AVBP) के जिला संयोजक सहित 50 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ BNS धारा 190, 191 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत FIR दर्ज की है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट पर लगे ग्रिल तोड़कर अंदर प्रवेश किया और रेलिंग को नुकसान पहुंचाया।
AVBP कार्यकर्ताओं ने सूरजपुर के एक निजी स्कूल में KG-2 छात्र को पेड़ पर लटकाने के मामले में कलेक्टरेट का घेराव किया। प्रदर्शन उग्र होने पर कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट तोड़कर कैंपस में घुस गए और कलेक्टर केबिन के पास रेलिंग हटाई। लगभग एक घंटे तक नारेबाजी और धरना दिया गया। बड़ी संख्या में तैनात पुलिस असहाय नजर आई।
एसडीएम शिवानी जायसवाल ने कार्यकर्ताओं पर भड़कते हुए “आग लगा दो” जैसे बयान दिए। DEO ने 14-सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंप प्रदर्शन समाप्त किया। तोड़फोड़ का वीडियो वायरल होने से प्रशासन ने पंचनामा कराया।
स्कूल कांड की पृष्ठभूमि
घटना एक निजी स्कूल में हुई, जहां शिक्षिका ने होमवर्क न करने पर KG छात्र को पेड़ पर लटका दिया। मामला वायरल होने पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया, शिक्षिका को बर्खास्त किया, स्कूल की मान्यता रद्द की और संचालक पर FIR दर्ज की। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मिलकर कार्रवाई की मांग की।
AVBP ने DEO पर स्कूल प्रबंधन बचाने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है और दोषी शिक्षिका पर त्वरित कार्रवाई हो। लेकिन घेराव हिंसक हो गया।
DEO की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने AVBP जिला संयोजक को नामजद कर 50 अज्ञात पर केस दर्ज किया। धाराएं तोड़फोड़, नुकसान और सार्वजनिक संपत्ति क्षति से जुड़ी हैं। वीडियो फुटेज से शिनाख्ती चल रही है। आरोपी गिरफ्तार हो सकते हैं।
पुलिस ने सुरक्षा चूक स्वीकार की। कलेक्टरेट में CCTV मजबूत करने के आदेश दिए गए। यह छत्तीसगढ़ में छात्र संगठनों के प्रदर्शनों पर सख्ती का संकेत है।
AVBP ने FIR को राजनीतिक साजिश बताया, कहा प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। कांग्रेस ने स्कूल कांड पर सरकार को घेरा। स्थानीय BJP ने DEO का समर्थन किया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल से बहस छिड़ी।
जिला प्रशासन ने जांच तेज की। हाईकोर्ट निगरानी में स्कूल मामला चल रहा। शिक्षा मंत्री ने बयान दिया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
घटना ने सूरजपुर में तनाव बढ़ाया। कलेक्टरेट सुरक्षा बढ़ी। छात्र संगठनों को चेतावनी दी गई। शिक्षा विभाग ने स्कूल निरीक्षण अभियान शुरू किया। यह मामला बाल सुरक्षा और प्रदर्शन अधिकारों के बीच संतुलन उजागर करता है।




