SIR फॉर्म में दी गलत जानकारी तो होगी जेल: छत्तीसगढ़ में 2 करोड़ से ज्यादा वोटर, 31 प्रतिशत मतदाताओं के फॉर्म हुए डिजिटाइज; 63 हजार 439 BLA–BLO की लगी ड्यूटी – Raipur News

छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया जारी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त के निर्देश पर 63 हजार 439 बीएलए–बीएलओ एसआईआर प्रक्रिया को पूरा करने में लगे हुए है।
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बीएलए–बीएलओ फॉर्म का वितरण कर रहे है और उनको डिजिटाइज कर रहे है। इसी बीच छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त यशवंत कुमार ने आदेश जारी किया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा जारी निर्देश के अनुसार एसआईआर फॉर्म भरने के दौरान मतदाता फॉर्म में गलत दस्तावेज अटैच करता है और जानकारियां देता है। 1 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त यशवंत कुमार।
अब पढ़े निर्वाचन आयुक्त ने क्या निर्देश दिया
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त यशवंत कुमार ने 21 नवंबर को आदेश जारी किया है। आदेश में उन्होंने लिखा है, कि सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे कृपया ध्यान दें कि मृत व्यक्ति या ऐसे व्यक्ति के संबंध में गणना प्रपत्र जमा करना, जो अब भारतीय नागरिक नहीं रहा है।
उसका नाम निर्वाचक नामावली में एक से अधिक स्थानों पर मौजूद है। वह एक से अधिक स्थानों के संबंध में गणना प्रपत्र जमा करता है। इस प्रकार गणना प्रपत्र में एक ऐसी घोषणा करता है जो गलत है या जिसके बारे में वह जानता है या मानता है कि वह सत्य नहीं है। वह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा जारी निर्देश

एडवोकेट विपिन अग्रवाल।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 का मतलब
रायपुर के एडवोकेट विपिन अग्रवाल ने बताया, कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इसके तहत 1 साल की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकता है।
अब पढ़े प्रदेश में कितने मतदाता है
राज्य निर्वाचन आयोग से मिले आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में 27 अक्तूबर, 2025 की स्थिति के अनुसार 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 मतदाता है। इनमें से 2 करोड़ 10 लाख 25 हजार 208 मतदाताओं को एसआईआर का गणना फॉर्म मिल चुका है।
21 नवम्बर 2025 तक प्रदेश में लगभग 65 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटाइज पूर्ण हो चुका है, जो प्रदेश के 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पंजीकृत मतदाताओं का लगभग 31 प्रतिशत है।

एसआईआर की प्रक्रिया करते हुए निर्वाचनकर्मी। (फाइल फोटो)
तीन बार घर पहुंचेंगे बीएलओ
बीएलओ नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 और घोषणा प्रपत्र एकत्र करेंगे। साथ ही वे दस्तावेजों की लिंकिंग और सत्यापन में भी मदद करेंगे। प्रत्येक घर पर वे कम से कम तीन बार जाएंगे। जो मतदाता घर पर नहीं मिलते या अस्थायी रूप से बाहर रहते हैं, वे ऑनलाइन भी फॉर्म भर सकेंगे।
बीएलओ मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित अथवा डुप्लीकेट वोटरों की पहचान करेंगे। जिन मतदाताओं के फॉर्म मिल चुके हैं, उनके नाम प्रारूप सूची में जोड़े जाएंगे। जिनके रिकॉर्ड का 59 से मिलान नहीं होगा, उन्हें नोटिस जारी कर सुनवाई की जाएगी और पात्रता तय की जाएगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा—“हम सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।”






