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सहकारी बैंक घोटाले की ED ने शुरू की जांच,मंगाई फाइल: दो बैंकों से 28 करोड़ का हुआ था घोटाला, मनी लांड्रिंग की जांच करेगी एजेंसी – Ambikapur (Surguja) News

15 अगस्त विज्ञापन




जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, सरगुजा के अंतर्गत संचालित बैंक ब्रांचों में करोड़ों के घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुरू कर दी है। ED ने बैंक घोटाले की जांच रिपोर्ट रायपुर तलब की है। अंबिकापुर से फाइल रायपुर भेज दी गई है। शंकरगढ़ और कुसमी ब्रांचों से ही 28 करोड़ रुपये घोटाले का खुलासा हुआ था। जिला केंद्रीय सहकारी बैंक में हुए बड़े घोटाले का खुलासा एक वर्ष पूर्व हुआ था। बैंक के तत्कालीन प्राधिकृत अधिकारी व सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर ने सहकारी बैंक कुसमी एवं शंकरगढ़ के बैंक ब्रांचों के खातों के लेन-देन की जांच कराई तो 28 करोड़ रुपये की गड़बड़ी पाई गई। मामले में बैंक मैनेजर सहित 12 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। ये गिरफ्तार भी कर लिए गए थे। करोड़ों रुपये के घोटाले में ED की एंट्री
तत्कालीन सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के घोटालों की जांच ईडी या सीबीआई से कराने की अनुशंसा करते हुए प्रमुख सचिव को पत्र भेजा था। राज्य शासन ने जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय को पत्र भेजा था। प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के लिए मंजूरी दे दी है। सहकारी बैंक के CEO श्रीकांत चंद्राकर ने बताया कि ED की टीम सरगुजा नहीं आई है। उनका पत्र आया था और घोटाले की जांच से संबंधित सभी रिपोर्ट मांगी गई थी। सरगुजा से जांच रिपोर्ट ED को शनिवार को भेज दी गई है। ED मामले में जो अन्य जानकारी मांगेगी, भेजा जाएगा। अब तक 28 करोड़ का घोटाला उजागर
सहकारी बैंक के कुसमी एवं शंकरगढ़ ब्रांच के बैंक के खातों की साल 2012 से 2024 तक की आडिट में 28 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया था। घोटाले के मुख्य आरोपी शंकरगढ़ के शाखा प्रबंधक अशोक कुमार सोनी शाखाओं में 10 सालों तक पदस्थ रहे। उन्होंने बैंक में फर्जी खाते खोले। समितियों के खातों और फर्जी खातों के साथ ही बैंक के खाते से बड़ी रकम की कैश निकासी की गई। ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर किए गए। आदिम जाति सहकारी समिति जमड़ी का बैंक अकाउंट बिना किसी दस्तावेज खोला गया। इसमें 19 करोड़ 24 लाख रुपए जमा किए गए और इस खाते से 19 करोड़ 22 लाख 73 हजार रुपए का आहरण किया गया। यह राशि किसानों के खाते, पंचायतों के खातों से ट्रांसफर कर जमा की गई थी। जमुना अलंकार मंदिर अंबिकापुर के नाम पर RTGS के माध्यम से एक करोड़ 82 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए। यह राशि 52 ट्रांजैक्शन में भेजी गई, जिनमें से 44 का बैंक वाउचर नहीं मिला। शाखा कुसमी में नरेगा धनेशपुर का बोगस अकाउंट खोला गया और इसमें 3 करोड़ 19 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन किया गया। CEO जनपद पंचायत शंकरगढ़ का बोगस अकाउंट खोला गया। इसमें 91 लाख 57 हजार रुपए की राशि जमा कर इसे निकाल लिया गया। जनपद सीईओ ने प्रतिवेदन में बताया कि यह खाता जनपद पंचायत का नहीं है। इसमें किसानों के खातों से राशि जमा की गई। जांच में पता चला है कि, अशोक कुमार सोनी के खाते में 1 करोड़ 36 लाख रुपए, कंप्यूटर ऑपरेटर प्रकाश कुमार सिंह के खाते में 4 लाख 64 हजार रुपए, महामाया कंस्ट्रक्शन कंपनी के खाते में 30 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए थे। मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। घोटाले में शामिल ब्रांच मैनेजर सहित 4 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। तीन कर्मचारी घोटाला उजागर होने के पूर्व ही रिटायर हो चुके थे। मनी लांड्रिंग की भी होगी जांच
ईडी के घोटाले की जांच में शािमल होने के बाद घोटाले से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आएंगे। बताया गया है कि यह जांच सिर्फ दो घोटालों तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े स्तर पर बैंक में गड़बड़ी की जांच होगी।



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