शाहीदा बनी ज्योति… बांग्लादेशी पति के साथ भारत आई और फर्जी दस्तावेजों से बनवा लिया पैन कार्ड, वोटर आईडी

छत्तीसगढ़ में एसटीएफ ने दुर्ग में एक बांग्लादेशी पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। ये दोनों वीजा खत्म होने के बाद भी भारत में रह रहे थे और फर्जी दस्तावेज बनवा लिए थे। लड़की ने अपना नाम शाहीदा से ज्योति रख लिया था। दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
By Prashant Pandey
Publish Date: Sat, 17 May 2025 02:39:43 PM (IST)
Updated Date: Sat, 17 May 2025 02:41:15 PM (IST)
HighLights
- वीजा खत्म होने के बाद भी भारत में ही रह रहे थे दोनों।
- फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी भी बनवाए।
- मकान मालिक ने शंका होने पर पुलिस को दी थी सूचना।
नईदुनिया प्रतिनिधि, दुर्ग (Durg News)। छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से रह रहे, बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान कर उनके खिलाफ एक्शन लेने और वापस भेजने के लिए एसटीएफ का गठन किया गया है। एसटीएफ ने हाल ही में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है।
16 मई को एसटीएफ को जानकारी मिली थी कि पांच रास्ता, सुपेला में कांट्रेक्टर कॉलोनी के एक मकान में बांग्लादेशी पति-पत्नी रह रहे है। इसके बाद बाद पुलिस ने वहां दबिश दी तो ज्योति और रासेल शेख मिले। ये दोनों अपनी असली पहचान बदलकर यहां रह रहे थे।
एसटीएफ ने सख्ती से पूछताछ की तो महिला ने अपना असली नाम शाहीदा खातून और उसके पति ने अपना नाम मोहम्मद रासेल शेख निवासी ग्राम बाला, पोस्ट रघुनाथ नगर थाना झीकार गाछा, जिला जेस्सोर, बांग्लादेश बताया।
इस तरह रचा षडयंत्र
जांच में पता चला है कि 2009 में महिला शाहीदा खातून अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत आ गई थी। नार्थ-24 परगना, पश्चिम बंगाल से हावडा होते हुए मुंबई जाकर मजदूरी करने लगी। वहां उसकी पहचान रासेल शेख से हुई। इसके बाद दोनों वापस बांग्लादेश गए और महिला ने अपना नाम बदलकर ज्योति रख लिया और रासेल से शादी कर ली।
दोनों ने इस बार 2017 में पासपोर्ट के जरिए भारत में प्रवेश किया। 2018 में वीजा खत्म होने के बाद भी ये यहीं रहे रहे थे। इन्होंने फर्जी आधार कार्ड भी बनवा लिया था। दुर्ग में मकान मालिक को जब इन्होंने अपना आईडी कार्ड दिया तो उन्हें दोनों पर शंका हुई।
इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। जांच में पता चला है कि इन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भिलाई में फर्जी पैन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र और कई बैकों में खाता भी खुलवा लिया था।




