Uncategorized

सरगुजा के ग्राम पंचायत केवरी ने छोड़ा महुआ शराब बनाने का अधिकार, 1 सितंबर से पूर्ण शराबबंदी लागू

15 अगस्त विज्ञापन

सरगुजा जिले के लखनपुर जनपद की ग्राम पंचायत केवरी ने उत्पाद शुल्क अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ के अनुसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति परिवारों को घरेलू उपयोग और सामाजिक-धार्मिक उत्सवों के लिए अधिकतम पांच लीटर देशी महुआ शराब निर्माण और अपने पास रखने की जो छूट मिली हुई है, उसे छोड़ दिया है। गांव की महिलाओं की पहल पर ग्राम पंचायत ने एक सितंबर से पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी है।

शराब सेवन से सामाजिक और आर्थिक पतन तथा मारपीट से तंग आकर गांव की महिलाओं ने यह पहल की। शराबबंदी के तहत शराब निर्माण, बिक्री के साथ शराब सेवन पर अर्थदंड का प्रविधान लागू किया गया है।

ग्राम पंचायत केवरी की आबादी लगभग 2500 है। यहां मतदाताओं की संख्या लगभग 1100 है। यहां गोंड, कंवर जनजाति के अलावा मानिकपुरी, यादव, लोहार समाज के लोग निवास करते हैं।

शराबबंदी से पहले कई घरों में देशी महुआ शराब का निर्माण होता था, लेकिन अब यह बंद हो चुका है। ऐसे परिवार जो शराब निर्माण और बिक्री करते थे, वे भी अब यह धंधा बंद कर चुके हैं।

शराबबंदी का निर्णय सामूहिक रूप से लिया गया। ग्रामसभा में सभी की सहमति से अर्थदंड का प्रविधान लागू किया गया है। अर्थदंड की राशि का उपयोग गांव के विकास में किया जाएगा। ग्रामीणों की सहमति से ही हर काम होगा।

हर मोहल्ले में निगरानी समिति बनी है, जो शराबबंदी के निर्णय का पालन कराने के लिए हर गतिविधि पर नजर रखती है।

ग्राम पंचायत केवरी के सरपंच मनिजर राम ने कहा कि यह निर्णय सामूहिक रूप से लिया गया है और ग्रामीणों की सहमति से ही हर काम होगा।

सहायक जिला आबकारी अधिकारी सरगुजा रंजीत गुप्ता ने कहा कि स्वप्रेरणा से लिया गया यह निर्णय सराहनीय है, क्योंकि नशा नाश का कारण है। ज्यादातर देखा जाता है कि पांच लीटर महुआ शराब की छूट को कई परिवार व्यवसाय बना लेते हैं। यदि इसे छोड़कर शिक्षा से जुड़कर आगे बढ़ने का प्रयास हो तो जीवन स्तर एकदम से बदल जाएगा। शराब निर्माण की छूट के बदले आरक्षण के दूसरे लाभ लेने का प्रयास करना चाहिए।

15 अगस्त विज्ञापन
विज्ञापन 1
विज्ञापन 2
विज्ञापन 3
विज्ञापन 4
विज्ञापन 5
विज्ञापन 6
विज्ञापन 7
विज्ञापन 8

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!