छत्तीसगढ़राज्य

“संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़” के संकल्प के साथ “पुलिस जन संवाद” का सफल आयोजन

नशे के खिलाफ समाज को खुद आगे आना होगा, संरक्षण नहीं सहभागिता चाहिए" — महापौर जीवर्धन चौहान

15 अगस्त विज्ञापन

(गौरी शंकर गुप्ता)  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह एवं कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में आयोजित रायगढ़ पुलिस के दो दिवसीय जनजागरूकता प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का समापन आज नगर निगम ऑडिटोरियम में आयोजित “पुलिस जन संवाद” कार्यक्रम के साथ हुआ। “संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़” थीम पर आयोजित इस अभिनव कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं, सामाजिक संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों एवं जिले के गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपने सुझाव साझा किए।

कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी ने किया। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह की परिकल्पना के अनुरूप आयोजित यह कार्यक्रम इस सोच पर आधारित है कि नशा और जुआ-सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों का उन्मूलन केवल पुलिस कार्रवाई से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से पुलिस एवं जिला प्रशासन ने नागरिकों को एक मंच पर लाकर संवाद की पहल की है।

नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने कहा कि नशा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। इसके विरुद्ध सामाजिक एवं नैतिक स्तर पर भी वातावरण तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपने-अपने मोहल्लों एवं वार्डों से इस अभियान की शुरुआत करने तथा पुलिस एवं प्रशासन को समय पर सूचना देकर सक्रिय सहयोग करने की अपील की।

अपने उद्बोधन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ सदैव अपनी सांस्कृतिक विरासत और संस्कारों के लिए जाना जाता रहा है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हाल के दिनों में नशे की गिरफ्त में आए किशोरों एवं युवाओं से जुड़ी गंभीर घटनाएं समाज के लिए चेतावनी हैं। यदि समय रहते इस प्रवृत्ति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि रायगढ़ पुलिस केवल अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि नशे की लत से बाहर आए युवाओं को रोजगार, पुनर्वास एवं सम्मानजनक जीवन से जोड़ने की दिशा में भी समाज के सहयोग से कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि क्रिकेट सट्टा एवं अन्य प्रकार के सट्टे ने अनेक परिवारों को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से प्रभावित किया है, जबकि नशे के कारण युवा बार-बार अपराध की ओर लौट रहे हैं। इसी सोच के साथ “संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़” अभियान प्रारंभ किया गया है।

कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि जिले में नशा एवं जुआ-सट्टा पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए प्रशासन, पुलिस और समाज को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे अधिक संतोष तब होगा जब नागरिक नशे से प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास एवं उत्थान के लिए स्वयं आगे आएंगे। उन्होंने इसे पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।

कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि रायगढ़ पुलिस द्वारा अवैध शराब, गांजा, नशीले पदार्थ, जुआ एवं क्रिकेट सट्टे के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि नशे की वजह से सड़क दुर्घटनाएं, चोरी, लूट एवं अन्य अपराधों में वृद्धि होती है। साथ ही किशोरों को नशीले पदार्थ उपलब्ध कराने वालों के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) के तहत भी प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में पुलिस की कार्यवाही से जिला जेल में क्षमता से अधिक बंदी निरुद्ध हैं, जिनमें बड़ी संख्या नशे एवं जुआ-सट्टा से जुड़े अपराधों में संलिप्त रही है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों एवं विशेषज्ञों द्वारा अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। इनमें स्कूलों में वालंटियर तैयार करना, मेडिकल कॉलेज में नशामुक्ति एवं डि-एडिक्शन सेंटर स्थापित करना, नशा बेचने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, प्रत्येक समाज एवं सामाजिक संगठन की सक्रिय भागीदारी, नशे की चपेट में आए बच्चों की विशेष निगरानी, सक्रिय सोशल मीडिया एवं व्हाट्सएप सूचना समूह बनाना, स्कूल-कॉलेजों में नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम तथा प्रत्येक ग्राम में “जन सूचना मित्र” नियुक्त करने जैसे सुझाव प्रमुख रहे।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों एवं नागरिकों ने नशा मुक्त रायगढ़ बनाने का सामूहिक संकल्प लेते हुए नशा मुक्ति की शपथ ग्रहण की।

इस अवसर पर श्रीमती आशा त्रिपाठी, श्री सुभाष त्रिपाठी, श्री गुरूपाल भल्ला, श्री श्रीकांत सोमावर, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर, प्रभात पटेल, उत्तम प्रताप सिंह, सुशांतो बनर्जी, जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में सभी वर्ग एवं जिम्मेदार संस्था के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

👉🏻 एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश

“रायगढ़ की पहचान उसके संस्कार हैं, न कि नशा और सट्टा। पुलिस की कार्रवाई तभी स्थायी परिणाम देगी जब समाज स्वयं आगे आकर नशे और जुआ-सट्टा के विरुद्ध जनआंदोलन खड़ा करेगा। हमारा उद्देश्य केवल अपराध रोकना नहीं, बल्कि भटके युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाना है।”

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