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संबलपुरी में ‘मिट्टी माफिया’ का तांडव, रात के अंधेरे में खोदी जा रही गांव की छाती

संबलपुरी में 'मिट्टी माफिया' का तांडव, रात के अंधेरे में खोदी जा रही गांव की छाती

15 अगस्त विज्ञापन

गौरीशंकर गुप्ता/रायगढ़।  जिले के ग्राम संबलपुरी से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ नियमों को ताक पर रखकर मिट्टी का अवैध साम्राज्य चलाया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि एक रसूखदार व्यक्ति द्वारा प्लास्टिक फैक्ट्री के पास पोकलेन मशीनों के जरिए रात भर ‘मिट्टी की डकैती’ की जा रही है।

*​अंधेरे का फायदा और हाईवा का रेला :*​शिकायत के मुताबिक, हरिओम अग्रवाल नामक व्यक्ति द्वारा रात के सन्नाटे में पोकलेन मशीनें उतारकर मिट्टी का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो हर रात 4 से 5 हाईवा वाहन मिट्टी भरकर शहर में बेची जा रही है। यह पूरा खेल प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है, जिससे गांव की सड़कों और पर्यावरण का हुलिया बिगड़ चुका है।

*​ग्राम सभा के प्रस्ताव को ठेंगा :*​हैरानी की बात यह है कि ग्राम पंचायत संबलपुरी ने 24 जनवरी 2026 को ही ग्राम सभा में प्रस्ताव क्रमांक 24 पारित कर किसी भी बाहरी व्यक्ति द्वारा मिट्टी या बालू के उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। बावजूद इसके, खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने लोकतांत्रिक पंचायत के इस निर्णय को रद्दी के टुकड़े समान समझा।

*​कलेक्टर की चौखट पर ग्रामीण : “साहब! कब रुकेगी लूट?” -*​ग्रामीणों का आक्रोश अब फूट पड़ा है। सरपंच ललिता राठिया और दर्जनों ग्रामीणों ने हस्ताक्षरित पत्र जिला कलेक्टर को सौंपकर गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि :

* ​29 जनवरी को खनिज अधिकारी को शिकायत दी गई, लेकिन ‘ऊपर’ तक पहुंच के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई।
* ​लगातार हो रही खुदाई से भूमि का जलस्तर और उपजाऊपन खतरे में है।
* ​यदि तत्काल रोक नहीं लगी, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।

> ​बड़ा सवाल : क्या रायगढ़ का खनिज विभाग इस अवैध परिवहन से अनजान है? या फिर ‘साहब’ की चुप्पी के पीछे कोई और ही कहानी है? अब देखना यह होगा कि जिला कलेक्टर इस भू-माफिया पर नकेल कसते हैं या संबलपुरी की मिट्टी यूं ही लुटती रहेगी।

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