रायपुर में कर्मचारी ने ही रची अकाउंटेंट से हुई 10 लाख की लूट की साजिश, दोस्तों को जानकारी देकर कराया वारदात

मजदूरों के भुगतान के लिए ले जाई जा रही रकम की जानकारी मिलने के बाद दिनेश की नीयत बदल गई और उसने अपने रिश्तेदार व उसके साथी के साथ मिलकर लूट की पूरी पट …और पढ़ें
HighLights
- कंस्ट्रक्शन कारोबारी के अकाउंटेंट से हुई लूट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
- अंदरूनी सूचना के आधार पर चाकू अड़ाकर लूटे थे 10 लाख रुपये
- पुलिस ने आरोपी से 9.70 लाख रुपये बरामद किए, दो साथी फरार
नईदुनिया, प्रतिनिधि, रायपुर। मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में कंस्ट्रक्शन कारोबारी के अकाउंटेंट से हुई 10 लाख रुपये की लूट का मास्टरमाइंड कंपनी का ही कर्मचारी दिनेश राव निकला। मजदूरों के भुगतान के लिए ले जाई जा रही रकम की जानकारी मिलने के बाद दिनेश की नीयत बदल गई और उसने अपने रिश्तेदार व उसके साथी के साथ मिलकर लूट की पूरी पटकथा तैयार कर दी। पुलिस ने आरोपी दिनेश राव को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 9.70 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं, जबकि वारदात में शामिल दो अन्य आरोपी फरार हैं।
मंगलवार शाम सेरीखेड़ी के पास कारोबारी कैलाशनाथ अग्रवाल के अकाउंटेंट विद्यासागर डहरिया से चाकू की नोक पर 10 लाख रुपये लूट लिए गए थे। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो मामला किसी पेशेवर गिरोह की बजाय कंपनी के भीतर से लीक हुई जानकारी का निकला।
लेबर पेमेंट की सूचना बनी लूट की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि दिनेश राव को दोपहर में ही जानकारी मिल गई थी कि मजदूरों के भुगतान के लिए बड़ी रकम भेजी जानी है। कंपनी में काम करने के कारण उसे यह भी पता था कि रकम कौन लेकर जाएगा और किस रास्ते से नया रायपुर पहुंचेगा। इसी जानकारी के आधार पर उसने अपनी बुआ के लड़के और उसके दोस्त को योजना में शामिल कर लिया।
ऑफिस से निकलते ही शुरू कर दिया पीछा
दोनों बदमाश समता कॉलोनी स्थित कंपनी कार्यालय के आसपास पहले से मौजूद थे। जैसे ही अकाउंटेंट विद्यासागर डहरिया रुपये लेकर निकले, आरोपियों ने उनका पीछा शुरू कर दिया। करीब 10 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद सेरीखेड़ी से नया रायपुर जाने वाले ब्रिज के पास बाइक रुकवाकर चाकू अड़ा दिया और रुपयों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए।
सीसीटीवी फुटेज ने पहुंचाया मास्टरमाइंड तक
घटना के बाद पुलिस ने समता कॉलोनी से सेरीखेड़ी तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कई जगह संदिग्धों की गतिविधियां कैद मिलीं। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस दिनेश राव तक पहुंची। पूछताछ में उसने पूरी साजिश कबूल कर ली।
पोहा पॉइंट पर बैठकर बनाई बंटवारे की रणनीति
पुलिस को जांच में पता चला कि लूट के बाद आरोपी नया रायपुर के एक पोहा पॉइंट पर मिले थे। यहां उन्होंने रकम के बंटवारे और आगे की रणनीति पर चर्चा की। योजना थी कि कुछ दिन तक शांत रहने के बाद रकम का आपस में बंटवारा किया जाएगा।
9.70 लाख बरामद, दो आरोपी ओडिशा फरार
पुलिस ने दिनेश राव के कब्जे से 9.70 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। वहीं उसके दोनों साथी अभनपुर के रास्ते ओडिशा भाग गए हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीम लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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अंदरूनी सूचना नहीं मिलती तो नहीं हो पाती वारदात
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह पूरी लूट अंदरूनी जानकारी के दम पर अंजाम दी गई। दिनेश राव ने कंपनी के भरोसे और अपनी जिम्मेदारी का गलत फायदा उठाकर साथियों को रकम, रूट और समय की जानकारी दी, जिसके कारण आरोपियों ने पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम दिया।




