राज्यरायगढ़

रायगढ़ में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा खुलासा

लोक सेवा केंद्र की आड़ में संचालित संगठित गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो संचालक समेत 26 आरोपी गिरफ्तार 🚨 यूट्यूब चैनल, फेक प्रोफाइल और कॉल सेंटर के जरिए देशभर में ठगी, 55 मोबाइल व 13 लैपटॉप सहित सामग्री जब्त 🚨 7,693 लोगों से करीब 1.11 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा, संगठित अपराध, आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं पर कार्रवाई 🚨 एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश — “रायगढ़ पुलिस ने प्रोफेशनल तरीके से पूरे नेटवर्क का भांडाफोड़ किया है, लोगों को अपनी जागरूकता बढ़ाकर सावधान रहने की जरूरत है”

15 अगस्त विज्ञापन

गौरीशंकर गुप्ता/15 अप्रैल, रायगढ़। जिले में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना साइबर पुलिस ने निधि परिवहन केन्द्र एवं श्रीमती शांति देवी शिक्षा सोसायटी केन्द्र में संचालित अवैध गतिविधियों का भंडाफोड़ किया है। मामले में केंद्र संचालकों सहित कार्यालय में कार्यरत युवतियों को मिलाकर कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। आरोपियों के विरुद्ध संगठित अपराध, धोखाधड़ी, कूट रचना एवं आईटी एक्ट की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

🔹 एसएसपी श्री शशि मोहन के साथ पुलिस टीम ने की रेड

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने स्वयं टीम को लीड करते हुए एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा, थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक तथा साइबर व महिला थाना की संयुक्त टीम के साथ दरोगापारा स्थित दोनों केंद्रों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान आरटीओ संबंधी कार्य के नाम पर फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के लोगों से ठगी किए जाने का खुलासा हुआ। मौके पर एसडीएम रायगढ़ एवं आरटीओ अधिकारी भी पहुंचे।

🔹 पीड़ित ने दर्ज करायी साइबर थाने में रिपोर्ट

पीड़ित की शिकायत पर दर्ज अपराध में सामने आया कि केंद्र में बाहरी रूप से लाइसेंस व दस्तावेज बनाने का कार्य दिखाया जाता था, जबकि अंदर अलग-अलग कमरों में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, वीडियो एडिटिंग और कॉल सेंटर संचालित कर युवतियों के माध्यम से लोगों को शादी के नाम पर फंसाकर पैसे वसूले जाते थे। गिरोह द्वारा फर्जी जीमेल आईडी, मोबाइल नंबर और यूट्यूब चैनल के माध्यम से नकली प्रोफाइल तैयार कर संपर्क स्थापित किया जाता था, फिर रजिस्ट्रेशन फीस, मीटिंग फीस और अन्य बहानों से यूपीआई के जरिए रकम वसूली जाती थी। पीड़ित के लिखित आवेदन पर थाना साइबर में अपराध क्रमांक 04/2026 धारा 319(2), 336(3), 336(4), 338, 340(2), 61(2), 112(2), 316(2) 318(4) BNS एवं आई टी एक्ट की धारा 66C, 66D के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया ।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कपिल गर्ग पूर्व में लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आरटीओ कार्य करता था, जिसकी आईडी निरस्त होने के बाद उसने इस फर्जी नेटवर्क को खड़ा किया। उसके साथ हिमांशु मेहर एवं अन्य सहयोगियों द्वारा लंबे समय से इस अवैध गतिविधि को संचालित किया जा रहा था। पुलिस को मौके से लैपटॉप में फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के साक्ष्य तथा विभिन्न शासकीय विभागों के फर्जी सील-मुहर भी बरामद हुए हैं।

🔹 पुलिस की कार्रवाई में जप्त

पुलिस ने कार्रवाई में 55 मोबाइल, 13 लैपटॉप, 2 प्रिंटर और 3 बैंक खातों को जब्त किया है। आरोपियों द्वारा वर्ष 2022 से अब तक 7,693 लोगों को ठगी का शिकार बनाकर करीब 1 करोड़ 11 लाख 36 हजार रुपये की अवैध वसूली किए जाने की जानकारी सामने आई है।

आरोपियों को आज गिरफ्तार का न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री श्री अनिल कुमार सोनी के मार्गदर्शन पर सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में संपूर्ण कार्यवाही में निरीक्षक विजय चेलक पुलिस साइबर पुलिस थाना रायगढ़, एसआई कुसुम कैवर्त प्रभारी महिला थाना, एएसआई नंद कुमार सारथी तथा थाना साइबर और महिला थाना अहम भूमिका रही है।

 

 

 

👉 एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश —

“साइबर ठगी और फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोहों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस ने सख्त वैधानिक कार्रवाई की गई है ,आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी ऑनलाइन मैट्रिमोनियल या दस्तावेज संबंधी सेवा में सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल पुलिस को सूचना दें।”

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