रायगढ़: JSW हॉस्टल में असिस्टेंट इंजीनियर ने लगाई फांसी, भूपदेवपुर पुलिस जांच में
असिस्टेंट इंजीनियर खुशबू की फांसी से हड़कंप

गौरीशंकर गुप्ता/रायगढ़: रायगढ़ जिले के नहरपाली स्थित JSW पावर प्लांट के हॉस्टल में एक 25 वर्षीय असिस्टेंट इंजीनियर युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना गुरुवार देर शाम की है, जब उसके कमरे का दरवाजा न खुलने पर हॉस्टल स्टाफ ने तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो वह पंखे पर लटकी मिली। भूपदेवपुर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया और जांच शुरू कर दी है।
मृतका की पहचान झारखंड के जमशेदपुर की खुशबू चौबे के रूप में हुई है। वह JSW के SMS विभाग में असिस्टेंट इंजीनियर (या असिस्टेंट मैनेजर) के पद पर कार्यरत थी और कंपनी के ही गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। शाम को जब वह अपने कमरे से बाहर नहीं निकलीं, तो सहकर्मियों और हॉस्टल स्टाफ ने दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई जवाब न मिलने पर संदेह हुआ। अंदर घुसने पर खुशबू का शव छत के पंखे से फंदे पर लटका देखा गया, जिससे हड़कंप मच गया। हॉस्टल प्रबंधन ने तुरंत भूपदेवपुर थाने को सूचना दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फोरेंसिक जांच की, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। शुक्रवार को परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। मृतका का मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त कर जांच की जा रही है, ताकि कारणों का पता लग सके।
भूपदेवपुर थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन विस्तृत जांच जारी है। हॉस्टल में रहने वाले अन्य अधिकारियों से पूछताछ हो रही है। खुशबू ने आखिर क्यों यह कदम उठाया, इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है। कुछ रिपोर्ट्स में कार्यस्थल पर दबाव या निजी कारणों का जिक्र है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। पुलिस ने कंपनी प्रबंधन से भी हॉस्टल रजिस्टर और CCTV फुटेज मांगे हैं।
परिजनों का बयान दर्ज किया गया है, जो जमशेदपुर से रायगढ़ पहुंचे। घटना से JSW प्लांट और आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई है।
खुशबू चौबे एक मेधावी इंजीनियर थीं, जो हाल ही में JSW जॉइन की थीं। कॉर्पोरेट कल्चर में काम करने वाले युवाओं में तनाव आम है, खासकर हाई-प्रेशर जॉब्स में। रायगढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्र में ऐसी घटनाएं कभी-कभी सामने आती हैं, लेकिन इसकी वजह अज्ञात बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान न देने से ऐसी त्रासदियां बढ़ रही हैं। कंपनी ने शोक व्यक्त किया है और सहकर्मियों को काउंसलिंग की पेशकश की है।
घटना की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे। स्थानीय लोग JSW के हॉस्टल सुरक्षा व्यवस्था पर उंगली उठा रहे हैं। एक एनजीओ ने कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग की है। मजदूर संगठनों ने कंपनी से पारदर्शी जांच की अपील की। यह घटना छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों पर बहस छेड़ सकती है।



